Patna News : पटना जिले के मसौढ़ी धनरूआ थाना क्षेत्र के चर्चित मुन्ना हत्याकांड में मसौढ़ी व्यवहार न्यायालय के एडीजे-द्वितीय ने शनिवार को अहम फैसला सुनाते हुए दो दोषियों को आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई. न्यायालय ने दोनों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है. जुर्माना अदा नहीं करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा.
2022 में सरवां रेलवे गुमटी के पास हुई थी हत्या
यह मामला धनरूआ थाना कांड संख्या-570/22 एवं सत्रवाद संख्या-1100/2023 से जुड़ा है. 21 सितंबर 2022 को सरवां रेलवे गुमटी के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग पर मुन्ना की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इस मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 तथा आर्म्स एक्ट की धारा 27 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी.
पिता-पुत्र को सुनाई गई सजा
न्यायालय ने दुभारा गांव निवासी गुड्डू कुमार (28), पिता विजेंद्र प्रसाद को हत्या के मामले में आजीवन सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई. साथ ही आर्म्स एक्ट की धारा 27 के तहत तीन वर्ष के कठोर कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड से भी दंडित किया. सह अभियुक्त विजेंद्र प्रसाद, पिता स्व. लखन प्रसाद को भी हत्या के आरोप में आजीवन सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई.
साक्ष्यों के आधार पर दोषी करार
अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक धनंजय कुमार ने मामले की पैरवी की. अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और बहस के आधार पर न्यायालय ने दोनों अभियुक्तों को दोषी मानते हुए सजा सुनाई.
कोर्ट जाते समय हुई थी हत्या
थानाध्यक्ष अमित कुमार ने बताया कि 21 सितंबर 2022 को दुभारा गांव निवासी बाबू चंद सिंह अपने पुत्र मुन्ना के साथ मोटरसाइकिल से मसौढ़ी व्यवहार न्यायालय जा रहे थे. इसी दौरान सरवां रेलवे गुमटी से पहले राष्ट्रीय राजमार्ग पर चार लोगों ने उन्हें घेर लिया और मुन्ना को गोली मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी. इस मामले में चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी. पुलिस के अनुसार घटना के पीछे पूर्व से चला आ रहा विवाद कारण बताया गया था.
