patna dengue news: राजधानी में डेंगू के मामले अब लगातार कम हो रहे हैं. पिछले तीन साल में डेंगू के मामलों में करीब 97.7 प्रतिशत की कमी दर्ज की गयी है. साल 2023 में पटना में डेंगू के करीब 8 हजार मामले सामने आये थे, जबकि इस साल दो सितंबर तक महज 178 मामले चिन्हित किये गये हैं. इससे पहले 2022 में 6784, 2024 में 5000 और 2025 में 1800 मामले दर्ज किये गये थे. वर्ष 2023 में पटना में डेंगू के सबसे अधिक मामले सामने आये थे.
इसके बाद पटना नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग की ओर से किये जा रहे प्रयासों से राजधानी में डेंगू के मामलों में लगातार गिरावट दर्ज की गयी है. नगर निगम की ओर से नियमित फॉगिंग और एंटी लार्वा का छिड़काव कराया जा रहा है. लोगों की शिकायतों पर उनके घरों के आसपास भी फॉगिंग करायी जा रही है. इसके लिए निगम की ओर से टोल फ्री नंबर भी जारी किये गये हैं. वहीं, इस साल बारिश कम होने के कारण भी मच्छरों का प्रकोप सामान्य रहने की बात कही गयी है.
75 वार्डों को 375 सेक्टरों में बांटकर चल रहा अभियान
पटना नगर निगम के सभी 75 वार्डों को 375 सेक्टरों में बांटकर एंटी लार्वा यूनिट्स को सक्रिय किया गया है. हर वार्ड में प्रतिदिन दो पालियों में फॉगिंग और एंटी लार्वा का छिड़काव किया जा रहा है. वहीं, चिह्नित हॉटस्पॉट्स पर दिन में तीन बार तक फॉगिंग करायी जा रही है. अभियान के लिए 57 माउंटेड वाहन और 75 हैंड हेल्ड मशीनों के साथ कुल 132 कर्मियों को मैदान में तैनात किया गया है.
छह अंचलों में तैनात हैं 132 कर्मी
नूतन राजधानी अंचल में 28, पाटलिपुत्र अंचल में 29, बांकीपुर में 21, कंकड़बाग में 21, पटना सिटी में 14 और अजीमाबाद अंचल में 19 कर्मी डेंगू नियंत्रण अभियान में मुस्तैदी से काम कर रहे हैं. अभियान के दौरान नागरिकों से लॉगबुक के माध्यम से लगातार फीडबैक भी लिया जा रहा है, ताकि जरूरत के अनुसार फॉगिंग और एंटी लार्वा छिड़काव कराया जा सके.
गंगा घाटों और तटीय इलाकों पर विशेष नजर
गंगा नदी के जलस्तर में कमी के बाद घाटों और तटीय इलाकों में जमा पानी को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है. संभावित मच्छर प्रजनन स्थलों की पहचान कर वहां तत्काल एंटी लार्वा का छिड़काव कराया जा रहा है. नालियों, खाली प्लॉटों, निर्माणाधीन स्थलों और सार्वजनिक परिसरों में मच्छरों के प्रजनन को रोकने के लिए भी त्वरित कार्रवाई की जा रही है.
एमएसयू कर रही अभियान की मॉनिटरिंग
पूरे अभियान की लगातार मॉनिटरिंग मेट्रोपॉलिटन सर्विलांस यूनिट (एमएसयू) की ओर से की जा रही है. एमएसयू की विशेषज्ञ टीमें फील्ड में जाकर स्थिति का निरीक्षण कर रही हैं. टीमों की ओर से अभियान में लगे कर्मियों को प्रशिक्षण भी दिया गया है.
डेंगू के मामलों में गिरावट
- 2022 : 6784 मामले.
- 2023 : करीब 8000 मामले.
- 2024 : 5000 मामले.
- 2025 : 1800 मामले.
- 2026 : दो सितंबर तक 178 मामले.
