Coronavirus in Bihar : सर्वदलीय बैठक बुलाकर सीएम नीतीश ने किया मंथन, विपक्षी दलों से लिया फिडबैक, मांगा सुझाव

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को 1 अणे मार्ग स्थित नेक संवाद में सभी राजनीतिक पार्टियों के विधायक दल के नेताओं के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सर्वदलीय बैठक की. बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि इस बैठक में भाग लेने के लिए सभी नेताओं का मैं धन्यवाद देता हूं. कोरोना संक्रमण से पूरा विश्व ग्रसित है. सबसे विकसित देश अमरीका इससे सबसे ज्यादा प्रभावित है. इससे निपटने के लिए केंद्र सरकार और राज्य सरकार ने कई कदम उठाए हैं.

पटना : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को 1 अणे मार्ग स्थित नेक संवाद में सभी राजनीतिक पार्टियों के विधायक दल के नेताओं के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सर्वदलीय बैठक की. बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि इस बैठक में भाग लेने के लिए सभी नेताओं का मैं धन्यवाद देता हूं. कोरोना संक्रमण से पूरा विश्व ग्रसित है. सबसे विकसित देश अमरीका इससे सबसे ज्यादा प्रभावित है. इससे निपटने के लिए केंद्र सरकार और राज्य सरकार ने कई कदम उठाए हैं.

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बैठक के आयोजन का उद्देश्य सभी राजनीतिक पार्टियों के विधायक दल के नेताओं से इंटरैक्शन करना है ताकि उनसे भी फीडबैक एवं सुझाव लिया जा सके. प्राप्त सुझावों और उनके अनुभव के आधार पर आगे की रणनीति बनाने में मदद मिल सके. उन्होंने कहा कि 16 मार्च को विधानमंडल की बैठक में कोरोना संक्रमण के प्रभाव को देखते हुए अनिश्चितकाल के लिए बैठक स्थगित कर दी गयी थी. उसके बाद 22 मार्च 2020 को पूरे राज्य में प्रखंड मुख्यालय एवं नगर निकाय स्तर तक लॉकडाउन का निर्णय लिया गया. बाद में केंद्र सरकार के द्वारा पूरे देश में लॉकडाउन किया गया, जो 17 मई तक बढ़ा दिया गया है.

सीएम नीतीश ने कहा कि केंद्र सरकार ने हमलोगों के आग्रह पर 03 मई को संशोधित गाइडलाइन जारी की, जिसके आधार पर राज्य के बाहर फंसे प्रवासी मजदूरों एवं छात्र-छात्राओं को आवागमन की छूट दी गयी. इसके पश्चात उन्हें विशेष ट्रेन के माध्यम से लाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि बिहार में ट्रेन से आ रहे लोगों की स्क्रीनिंग कराकर उन्हें संबधित जिले के मुख्यालय भेजा जा रहा है, जहां से उन्हें प्रखंड क्वारंटाइन सेंटर पर रखा जायेगा, जहां भोजन, आवासन एवं चिकित्सकीय सुविधा की व्यवस्था है.

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट 2005 में प्रोविजन किया गया है कि राज्य सरकार अपनी परिस्थितियों के अनुसार और कठोर कदम अपने राज्य में उठा सकती है.मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पल्स पोलियो की तर्ज पर डोर-टू-डोर स्क्रीनिंग करायी जा रही है ताकि कोरोना संक्रमितों की पहचान की जा सके. अब तक 7 करोड़ से अधिक लोगों की जांच की जा चुकी है. पूरे राज्य में 32 जिलों के 76 प्रखंड कोरोना संक्रमण से प्रभावित हैं. जिसमें 529 कोरोना पॉजिटिव मरीज पाये गये हैं. उन्होंने कहा कि अब तक 136 लोग कोरोना से ठीक होकर अपने घर भी जा चुके हैं.

नीतीश कुमार ने कहा कि पंचायत स्तर के जनप्रतिनिधियों से समन्वय कर आवश्यक सहयोग लिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि विधायकों से भी जिला प्रशासन उस क्षेत्र के संबंध में सुझाव ले, जानकारी लें और उसके आधार पर भी कार्रवाई की जाए. उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि मुझे भी फोन करके अपने क्षेत्र की स्थिति बताते हैं और उस पर भी संज्ञान लिया जाता है. उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग एवं आपदा प्रबंधन विभाग के माध्यम से बैठक में एक प्रस्तुतीकरण दिया गया है ताकि आप लोगों को सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों के संबंध में विस्तृत जानकारी मिल सके.

सीएम ने कहा कि बिहार में बाहर से आने वाले लोगों के कारण कोराना संक्रमण का फैलाव ज्यादा हुआ. बाहर से आने वाले लोगों के कॉन्टैक्ट्स से भी कोरोना संक्रमण की चेन बनी, जिसे तोड़ने का प्रयास किया जा रहा है. मुख्यमंत्री ने कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से कुछ लोगों द्वारा अफवाह फैलायी जाती है, इस पर प्रशासन और पुलिस पूरी नजर रख रही है. हर हालत में बिहार में आपस में भाईचारा एवं आपसी सौहार्द्र कायम रखा जाएगा. उन्होंने कहा कि आप जनप्रतिनिधि भी लोगों को इसके लिये प्रेरित करें और अपने स्तर से कोशिश करें कि ऐसे असामाजिक तत्वों के प्रभाव में लोग नहीं आएं. उन्होंने कहा कि हम सबकी चिंता करते हैं और सबके लिए काम करते हैं.

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए हम सबों को संयुक्त प्रयास करना होगा. पूरे देश में लॉकडाउन लागू किया गया है, पूरे बिहार के लोग इसका पालन कर रहे हैं जिसके कारण बिहार में कोरोना संक्रमण का असर कम हुआ है. हालांकि, इसका खतरा हमेशा बना हुआ है इसलिए लोग सजग रहें, सतर्क रहें और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते रहें.

मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी विधायक दल के नेताओं ने जो फीडबैक दिया है, उसे अधिकारियों ने नोट कर लिया है और उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जायेगी. उन्होंने कहा कि हम नियमों का पालन करते हैं और हमारी हर परिस्थिति पर नजर है. इसके पूर्व विधायक दल के नेताओं ने अपने-अपने सुझाव मुख्यमंत्री के समक्ष रखे. आपदा प्रबंधन विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग ने अपने विभाग से संबंधित विस्तृत प्रस्तुतीकरण भी दिया.

बैठक को बिहार विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी, उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, जदयू के विजेंद्र प्रसाद यादव, भाजपा के प्रेम कुमार, हम पार्टी के जीतन राम मांझी, राजद के अब्दुलबारी सिद्दीकी, कांग्रेस के सदानंद सिंह, भाकपा माले के महबूब आलम एवं लोजपा के राजू तिवारी ने भी सभा में अपने-अपने सुझाव एवं राय रखे.

बैठक में स्वास्थ्य मंत्री मंगल पाण्डेय एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े हुये थे. बैठक में उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, मुख्य सचिव दीपक कुमार, पुलिस महानिदेशक गुप्तेश्वर पाण्डेय, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव मनीष कुमार वर्मा, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह मौजूद थे.

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लेखक के बारे में

By Samir Kumar

More than 15 years of professional experience in the field of media industry after M.A. in Journalism From MCRPV Noida in 2005

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