Chirag Paswan: लोक जनशक्ति पार्टी (रा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने कहा कि प्रभु श्रीराम के नाम पर किसी को भी राजनीति नहीं करनी चाहिए. उन्होंने लखनऊ में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि जिसने भी भगवान श्रीराम के भक्तों की आस्था को चोट पहुंचाई है, उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा.
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले पर बोलते हुए चिराग ने कहा कि इस घटना की एसआईटी जांच चल रही है और टीम अपना काम मुस्तैदी से कर रही है. पुलिस ने कुछ कार्रवाई भी की है और जो भी इस पूरे मामले में दोषी पाया जाएगा, उसे सख्त से सख्त सजा भुगतनी होगी. इसके साथ ही उन्होंने भरत तिवारी कांड का जिक्र करते हुए कहा कि इस मामले के गुनहगारों को भी कड़ी सजा मिलनी चाहिए.
कांग्रेस और सपा ने जनता के बीच फैलाया आरक्षण का भ्रम
इससे पहले चिराग पासवान ने लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में एक कार्यक्रम को संबोधित किया. यह कार्यक्रम लोक जनशक्ति पार्टी के संस्थापक और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय रामविलास पासवान की जयंती महोत्सव के रूप में आयोजित किया गया था.
अपने संबोधन में चिराग पासवान ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि विपक्षी पार्टियों ने पिछले चुनावों के दौरान लोगों के बीच यह झूठ और भ्रम फैलाया कि देश में आरक्षण और संविधान खतरे में है.
विपक्ष ने संसद के भीतर हाथ में संविधान लेकर लोकसभा को गुमराह करने की कोशिश की, जबकि हकीकत यह है कि इन पार्टियों ने खुद हमेशा बाबा साहेब और संविधान का अपमान किया है.
जब तक चिराग जिंदा है, आरक्षण और संविधान को कोई खतरा नहीं
चिराग पासवान ने कार्यकर्ताओं और देश की जनता को भरोसा दिलाते हुए कहा कि जब तक वह राजनीति में जिंदा हैं, तब तक देश के संविधान और आरक्षण को आंच भी नहीं आ सकती. उन्होंने कहा कि जो लोग बार-बार समाज में डर का माहौल बनाते हैं, उन्हें उनके मंसूबों में कामयाब नहीं होने दिया जाएगा. हमारा असली मकसद जात-पात, मजहब और धर्म की दीवारों को तोड़कर पूरे समाज को एक साथ आगे बढ़ाना और देश को विकसित करना है.
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कांग्रेस को कभी नहीं रही दलित समाज की चिंता- चिराग
अपने पिता रामविलास पासवान को याद करते हुए चिराग ने कहा कि कांग्रेस ने आजादी के तीन दशक बीत जाने के बाद भी संसद भवन में बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की तस्वीर तक नहीं लगवाई थी. बाबा साहेब को भारत रत्न से सम्मानित कराने और संसद के सेंट्रल हॉल में उनका चित्र लगवाने का असली काम हमारे नेता रामविलास पासवान के प्रयासों से ही मुमकिन हो पाया था.
देश में सबसे पहले दलित समाज को हक दिलाने और आरक्षण की मजबूत मांग उठाने वाले नेता रामविलास पासवान ही थे. कांग्रेस और सपा ने हमेशा जाति-धर्म के नाम पर लोगों को आपस में बांटकर राज किया है, इसलिए अब ऐसे लोगों की जवाबदेही तय करने का समय आ गया है.
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