BPSC: इंतजार खत्म, बिहार में लगभग 40 हजार शिक्षकों की होगी भर्ती, सरकार ने दिया दिवाली गिफ्ट

BPSC: बिहार की नीतीश सरकार ने दिवाली से पहले बड़ा तोहफा दिया है. बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की ओर से हजारों अभ्यर्थियों के अच्छी खबर आई है, तीसरे फेज के तहत माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्कूलों में लगभग 40 हजार शिक्षकों की भर्ती होगी.

BPSC: बिहार के युवाओं के लिए दिवाली से पहले खुशखबरी आई है. बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने तीसरे फेज की भर्ती के लिए इंतजार कर रहे लाखों अभ्यर्थियों को त्योहारी सीजन में मुस्कुराने की वजह दी है.नीतीश सरकार बेहद जल्द प्रदेश में लगभग 40 हजार पदों पर शिक्षकों की भर्ती करने जा रही है. यह भर्ती माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्कूलों के लिए की जाएगी.

जल्द अधियाचना भेजेगा

थर्ड फेज के तहत माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्कूलों में कुल 39 हजार 391 शिक्षकों की भर्ती होगी. माध्यमिक विद्यालयों के लिए इनमें 17,018 जबकि उच्च माध्यमिक विद्यालय के लिए 22,373 शिक्षकों की बहाली होगी. शिक्षा विभाग ने 39, 391 पदों पर नियुक्ति के लिए प्रस्ताव सामान्य प्रशासन विभाग को भेज दिया है. थर्ड फेज की बहाली की परीक्षा इस साल जुलाई महीने में हुई थी, लेकिन अभी तक आरक्षण रोस्टर क्लीयरेंस नहीं हो पाया था. लेकिन अब यह प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. अब बिहार लोक सेवा आयोग को सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जल्द 39,391 पदों की नियुक्ति के लिए अधियाचना भेजेगा. इसमें उच्च माध्यमिक विद्यालयों में 6061 पदों पर प्रधानाध्यापकों की भी नियुक्ति होगी.

2.17 लाख अभ्यर्थियों को मिल चुकी है नौकरी

बिहार सरकार ने नवंबर 2023 में शिक्षक भर्ती परीक्षा की शुरुआत की थी. अब तक दो फेज में करीब 2 लाख 17 हजार अभ्यर्थियों को सरकार नौकरी दे चुकी है. बता दें कि शिक्षक नियुक्ति के फर्स्ट फेज में 1,20,336 और दूसरे चरण में चयनित 96,823 युवाओं की भर्ती हुई. अब थर्ड फेज में 39,391 पदों पर अब जल्द नियुक्ति होगी.

इसे भी पढ़ें: Bihar Land Survey: जमीन सर्वे के बीच आया बड़ा अपडेट, इन जमीनों पर सरकार की नजर

Gaya: चक्रवाती तूफान ‘दाना‘ के कारण गया से गुजरनेवाली कई ट्रेनें रद्द, देखें लिस्ट

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >