पटना: शाम होते ही थम जाती है बिहटा की रफ्तार, चार किमी का सफर तय करने में लगते हैं घंटों

पटना के बिहटा में शाम होते ही यातायात व्यवस्था बेपटरी हो जाती है. भारी वाहनों के दबाव से सड़कों पर लंबा जाम लग जाता है, जिससे लोगों को भारी परेशानी होती है.

Traffic jam in Patna : बिहटा में शाम होते ही बिहटा की सड़कों पर यातायात व्यवस्था बेपटरी होने लगती है. खासकर रात आठ बजे के बाद राघोपुर से बिहटा चौक तक भारी वाहनों का दबाव बढ़ने से जाम की स्थिति गंभीर हो जाती है. बालू लदे ट्रकों के अलावा टैंकलॉरी, कंटेनर और अन्य भारी वाहनों की आवाजाही तथा ओवरटेकिंग के कारण चार से पांच किलोमीटर की दूरी तय करने में लोगों को घंटों लग जाते हैं. इसका सबसे अधिक असर कामकाजी लोगों पर पड़ता है, जो शाम में व्यवसाय और सरकारी-निजी नौकरी से घर लौटते हैं.

शाम ढलते ही कमजोर पड़ जाती है ट्रैफिक व्यवस्था

दिन में बिहटा की प्रमुख सड़कों पर ट्रैफिक पुलिस की मौजूदगी रहती है, लेकिन शाम होते ही व्यवस्था कमजोर पड़ जाती है. रात आठ बजे के बाद भारी वाहनों का दबाव बढ़ते ही सड़क पर वाहनों की कतार लगने लगती है. एक वाहन के ओवरटेक करने पर पीछे चल रहे वाहनों की रफ्तार थम जाती है और देखते ही देखते जाम लंबा हो जाता है.

जाम में फंसे लोग

दो गोलंबरों के बीच फंसते हैं वाहन

जाम की सबसे गंभीर स्थिति रेलवे ओवरब्रिज के दोनों छोर पर बने दो गोलंबरों के पास रहती है. दक्षिणी छोर पर डॉ. ललित मोहन शर्मा के क्लिनिक के समीप और उत्तरी छोर पर डोमिनिया पुल के पास गोलंबर है. कई बार भारी वाहन ओवरब्रिज पर ही घंटों खड़े रहते हैं. इससे दोपहिया और छोटे वाहनों के साथ एंबुलेंस समेत जरूरी सेवाओं के वाहनों को भी रास्ता नहीं मिल पाता.

बालू लदे ट्रकों के लिए अलग रास्ते की मांग

बिहटा शहर की मुख्य सड़कों के दोनों किनारों पर बाजार और घनी आबादी विकसित हो चुकी है. सड़क किनारे बड़ी संख्या में दुकानें होने के कारण दिनभर लोगों की आवाजाही रहती है. इसके बावजूद बालू लदे ट्रकों और अन्य भारी वाहनों का परिचालन शहर के बीच से होता है. स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे दुर्घटना का खतरा लगातार बना रहता है.

लोगों ने बालू लदे वाहनों के लिए शहर से बाहर वैकल्पिक मार्ग बनाने की मांग की है. उनका कहना है कि बिहटा से पालीगंज तक बाइपास सड़क बनने से शहर की मुख्य सड़कों पर भारी वाहनों का दबाव काफी कम हो सकता है.

टैंकलॉरी और कंटेनरों ने बढ़ाई परेशानी

बिहटा में एचपीसीएल से निकलने वाली सैकड़ों टैंकलॉरियां, ड्राई पोर्ट से आने-जाने वाले बड़े कंटेनर व ट्रक और बड़ी संख्या में बालू लदे वाहन शहर के बीच से होकर गुजरते हैं. घनी आबादी और बाजार के बीच भारी वाहनों की लगातार आवाजाही से जाम के साथ दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है.

शाम में पुलिस तैनाती बढ़ाने की मांग

स्थानीय लोगों के अनुसार, शाम के समय ट्रैफिक पुलिस की पर्याप्त तैनाती नहीं होने और भारी वाहनों के अनियंत्रित प्रवेश के कारण रोजाना जाम की स्थिति बनती है. लोगों ने दोनों गोलंबरों पर शाम के समय पर्याप्त ट्रैफिक पुलिस की तैनाती करने, भारी वाहनों के प्रवेश को नियंत्रित करने और शहर के बाहर वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराने की मांग की है.

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लेखक के बारे में

By मोनु कुमार मिश्रा

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