Bihar TRE 4 Teacher Recruitment: बिहार में चौथे चरण की शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया यानी TRE 4 को लेकर शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बताया है कि जुलाई महीने में शिक्षा विभाग की ओर से BPSC को प्रस्ताव भेजा जायेगा. इसके बाद शिक्षक बहाली की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी. एक निजी चैनल से बातचीत में उन्होंने कहा कि फिलहाल विभाग राज्यभर के स्कूलों में खाली पड़े पदों का आंकड़ा जुटा रहा है. यह पता लगाया जा रहा है कि किस विद्यालय में कितने शिक्षकों की जरूरत है. अगले 10 दिनों के भीतर सभी जिलों से रिक्तियों का पूरा डाटा मिल जाएगा.
कम से कम 20 हजार शिक्षकों की होगी नियुक्ति
शिक्षा मंत्री ने बताया कि TRE 4 के तहत न्यूनतम 20 हजार शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी. हालांकि रिक्त पदों की अंतिम संख्या सामने आने के बाद यह आंकड़ा और बढ़ सकता है. सरकार का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में एक लाख शिक्षकों की नियुक्ति करने का है, ताकि सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर की जा सके.
बिहार में BHU की शाखा खोलने की तैयारी
उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी बिहार के छात्रों के लिए अच्छी खबर सामने आई है. शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने संकेत दिया कि देश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) की एक शाखा बिहार में खोलने की दिशा में सरकार गंभीरता से काम कर रही है.
उन्होंने बताया कि इस संबंध में वे और उच्च शिक्षा मंत्री जल्द ही BHU मैनेजमेंट से मुलाकात करेंगे. यदि बिहार में BHU की शाखा स्थापित होती है तो इसके लिए राज्य सरकार जमीन उपलब्ध कराएगी.
बिहार के शिक्षकों और छात्रों को मिलेगा फायदा
शिक्षा मंत्री ने कहा कि BHU के कई विभाग के चीफ और शिक्षक बिहार से जुड़े हुए हैं. इनमें से कई लोगों ने बिहार में शिक्षा के क्षेत्र में योगदान देने की इच्छा भी जताई है. ऐसे में यदि यूनिवर्सिटी की शाखा बिहार में खुलती है तो इसका सीधा लाभ राज्य के लाखों छात्रों को मिलेगा. सरकार का मानना है कि इससे उच्च शिक्षा के नए अवसर तैयार होंगे और छात्रों को बेहतर एजुकेशनल फैसिलिटी अपने राज्य में ही मिल सकेंगी.
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30 जून तक निपटेंगे ट्रांसफर-पोस्टिंग के मामले
शिक्षकों के ट्रांसफर को लेकर शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य 30 जून तक ट्रांसफर और पोस्टिंग से जुड़े सभी लंबित मामलों का निपटारा करने का है. उन्होंने बताया कि शिक्षक जिला कैडर के अंतर्गत आते हैं. इसलिए सरकार की कोशिश है कि शिक्षकों को उनके अपने जिले के भीतर ही पदस्थापित किया जाए. इससे शिक्षकों को सुविधा होगी और स्कूलों में शिक्षण व्यवस्था भी बेहतर बनेगी.
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