Bihar Teacher Transfer : बिहार में सरकारी शिक्षकों की स्थानांतरण प्रक्रिया शुरू होते ही तकनीकी और प्रशासनिक चुनौतियां सामने आने लगी हैं. ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर 404 Error और डेटा संबंधी शिकायतों के बीच शिक्षा विभाग ने सरप्लस शिक्षकों के विवरण में सुधार के लिए नया प्रपत्र जारी किया है. विभाग ने स्पष्ट किया है कि गलत जानकारी देने पर संबंधित शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
शिक्षक स्थानांतरण के बीच पोर्टल पर आई तकनीकी समस्या
दरअसल, बिहार में शिक्षक स्थानांतरण प्रक्रिया के दौरान कई शिक्षकों ने ई-शिक्षाकोष पोर्टल के सही ढंग से काम नहीं करने की शिकायत की है. सोशल मीडिया पर सामने आए पोस्ट के अनुसार आवेदन करने या जानकारी खोजने के दौरान पोर्टल पर 404 Not Found का संदेश दिखाई दे रहा है. इस कारण स्थानांतरण का इंतजार कर रहे शिक्षकों में चिंता बढ़ गई है.
सरप्लस शिक्षकों के डेटा सुधार के लिए नया प्रपत्र जारी
शिक्षा विभाग ने ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर विषयवार डेटा में त्रुटियों को ठीक करने के लिए विशेष प्रपत्र जारी किया है. विभाग के अनुसार कई विद्यालयों में गलत विषय या वर्ग दर्ज होने के कारण आवश्यक शिक्षकों को भी सरप्लस (आवश्यकता से अधिक) दिखाया जा रहा था. अब विद्यालय का नाम, यू-डायस नंबर और सुधार का पूरा विवरण देकर इस त्रुटि को ठीक कराया जा सकेगा.
आवेदन से पहले सभी शर्तें स्वीकार करना अनिवार्य
शिक्षा विभाग ने स्थानांतरण प्रक्रिया के लिए कड़े नियम लागू किए हैं. शिक्षकों को आवेदन से पहले सभी शर्तों को पढ़कर स्वीकार करना होगा. विभाग ने स्पष्ट किया है कि गलत सूचना, फर्जी प्रमाण-पत्र, भ्रामक दावा या तथ्य छिपाने की स्थिति में सेवा नियमों के तहत अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी. चिकित्सा, दिव्यांगता और अन्य विशेष श्रेणियों के दावों का सत्यापन भी किया जाएगा.
मनचाहा स्कूल नहीं मिलने पर नहीं होगी अपील
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी शिक्षक को पसंद का विद्यालय नहीं मिलने को शिकायत या अपील का वैध आधार नहीं माना जा एगा. स्थानांतरण को अधिकार के रूप में दावा नहीं किया जा सकता. सभी आवेदन निर्धारित नियमों और उपलब्ध रिक्तियों के आधार पर ही स्वीकार किए जाएंगे.
शिक्षक संघ ने सरप्लस सूची पर उठाए सवाल
बिहार युवा शिक्षक संघ ने सरप्लस शिक्षकों की सूची पर गंभीर आपत्ति जताई है. संघ के प्रदेश अध्यक्ष दीपांकर गौरव ने कहा कि कई ऐसे शिक्षक, जिन्होंने छह महीने पहले ही स्थानांतरण कराया है, उन्हें भी सरप्लस सूची में शामिल कर दिया गया है. वहीं कई विद्यालयों में अपने विषय के एकमात्र शिक्षक का नाम भी सरप्लस सूची में दर्ज है, जिससे शिक्षकों में भ्रम और असंतोष है.
मॉडल स्कूलों के शिक्षकों ने भी जताई नाराजगी
संघ का कहना है कि कई शिक्षक स्थानांतरण नहीं चाहते, फिर भी उनका नाम सरप्लस सूची में शामिल कर दिया गया है. मॉडल स्कूलों के शिक्षकों ने भी इस प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं. उनका आरोप है कि उन्हें इस स्थानांतरण प्रक्रिया से अलग रखा गया है.
स्थापना शाखा में जमा करना होगा सुधार प्रपत्र
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि सिस्टम से तैयार सरप्लस सूची को अंतिम मानकर स्वीकार नहीं किया जाएगा. यदि किसी शिक्षक के डेटा में त्रुटि है तो विद्यालय प्रधान के हस्ताक्षर और मुहर के साथ निर्धारित प्रपत्र तथा आवश्यक दस्तावेज सीधे स्थापना शाखा में जमा करने होंगे. विद्यालय प्रधान को प्रमाणित करना होगा कि प्रस्तुत विवरण विभागीय मानकों के अनुरूप है.
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