बिहार: शराब के पैसे से मालामाल हुए अफसरों पर सरकार की नजर, एजेंसियां गुपचुप तरीके से करेगी जांच

बिहार में शराबबंदी कानून लागू किये जाने के बाद जो भी सरकारी कर्मी या अफसर माफियाओं के साथ सांठगांठ करके मालामाल हुए हैं, वो अब जांच एजेंसियों के रडार पर हैं.

बिहार में शराबबंदी कानून मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के महत्वपूर्ण फैसलों में एक है. पूर्ण शराबबंदी कानून लागू होने के बाद भी धड़ल्ले से चल रहे अवैध कारोबार और उपयोग के मामले पर सीएम ने मंगलवार को अहम समीक्षा बैठक की और हर स्तर पर जबावदेही तय कर दी. वहीं शराब के काले कारोबार से मालामाल हुए सरकारी कर्मियों और अफसरों के संपत्ति की अब जांच की जाएगी.

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, बिहार में माफियाओं से सांठगांठ करके जो भी अधिकारी या कर्मचारी मोटी कमाई कर रहे हैं उनकी संपत्तियों की जांच सरकार कराएगी. बिहार सरकार अपने एंटी करप्शन एजेंसियों के द्वारा ये काम कराएगी. भ्रष्टाचार विरोधी एजेंसी गुपचुप तरीके से इसका पता लगाएगी.

गौरतलब है कि हाल में ही बिहार में बालू माफियाओं के ऊपर जब कार्रवाई की गई तो काले कारोबार से मालामाल हुए कई अधिकारियों और कर्मियों पर भी गाज गिरी. आय से अधिक संपत्ति जुटाए कई अफसरों के ठिकानों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई अचानक शुरू कर दी गई. इसी तरह अब शराब के मामले में भी कार्रवाई की संभावना देखी जा रही है.

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मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, जांच एजेंसियों को ये काम सौंप दिया गया है. जिन अधिकारियों या कर्मचारियों का शराब माफियाओं से सांठगांठ है, उनकी पहचान करने और संपत्ति का पता करने का आदेश दे दिया गया है. शराब तस्करों के मददगार भी रडार पर होंगे.

ऐसी जानकारी मिली है कि शराबबंदी कानून सख्ती से लागू करने की जिम्मेदारी जिन अफसरों को दी गई, उनमें भी कई ऐसे हैं जो इसके काले कारोबार में मददगार बनकर मालामाल हो रहे हैं. वहीं सीएम की बैठक के बाद अब प्रशासन के अंदर हड़कंप है.

Published By: Thakur Shaktilochan

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