Bihar: मिथिला को अलग राज्य बनाने की मांग पर सबकी अलग-अलग राय, जानें किसने क्या कहा

Bihar: बिहार की पूर्व सीएम राबड़ी देवी ने बुधवार को मिथिला राज्य की मांग की. उनके बयान के बाद बिहार की राजनीति गरमा गई है.

Bihar:बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की नेता ने मिथिला राज्य की मांग की है. उन्होंने कहा कि मिथिला को अलग राज्य के रूप में होना चाहिए. इस पर बिहार के कई नेताओं ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. भाजपा विधायक हरिभूषण ठाकुर ने कहा, ‘मिथिला के जिलों में घुसपैठ हो रही है. मुस्लिमों की आबादी बढ़ गई है. मिथिलांचल को अलग राज्य बनाने की मांग राबड़ी इसलिए कर रही हैं, ताकि मिथिलांचल को इस्लामिक स्टेट बनाया जा सके. उन्होंने कहा कि वह वोट बैंक और तुष्टिकरण की राजनीति कर रही हैं.’

कांग्रेस और राजद विधायक क्या बोले

कांग्रेस विधायक शकील अहमद ने कहा, ‘मिथिला बहुत अच्छी और मीठी भाषा है. वहां के लोग भी बहुत अच्छे हैं. वहां का खान पान भी बहुत अच्छा है. अब राबड़ी देवी ने मिथिला राज्य की मांग उठाई है, तो सही ही कहा है.’ वहीं, राजद विधायक फतेह बहादुर ने कहा, ‘राबड़ी देवी हमारी पार्टी की राजमाता हैं. उनका हर निर्णय हम लोगों के लिए सर्वोपरि है. उनका जो भी फैसला है, हम लोग उनके साथ हैं.’

इंडी गठबंधन के साथी ने कर दी अलग मांग

इंडी गठबंधन में शामिल भाकपा माले के विधायक महबूब आलम ने इस मुद्दे पर कहा कि अगर अब मिथिला अगल राज्य होगा , तो सीमांचल अलग राज्य क्यों नहीं होगा, भोजपुर फिर अलग राज्य क्यों नहीं होगा. वहीं, एआईएमआईएम के नेता अख्तरुल ईमान शाहीन ने कहा, ‘राबड़ी देवी को मिथिला याद आ गया, लेकिन सीमांचल याद नहीं आया. सीमांचल में जाकर उनके पुत्र तेजस्वी यादव ने कहा था कि अगर हमारी सरकार बनेगी, तो हम सीमांचल डेवलपमेंट काउंसिल बनाएंगे. बिहार का सबसे गरीब हिस्सा अगर कोई है, तो वो सीमांचल है. लेकिन, सीमांचल पर ध्यान नहीं दिया गया. बिहार को खंडित नहीं किया जाना चाहिए. बिहार को एक रहना चाहिए. बिहार को अलग करना उचित नहीं रहेगा. लेकिन बिहार के जो कमजोर हिस्से हैं, वहां विकास कार्यों पर ध्यान देना चाहिए.’

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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