Bihar Revenue: राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने राजस्व महाअभियान के तहत आने वाले आवेदनों को तुरंत निपटाने के लिए प्रमंडल स्तर पर मॉनिटरिंग सेल का गठन किया है. विभाग की तरफ से 17 जून 2026 तक विशेष शिविर लगाए जाएंगे, ताकि आवेदनों की स्कैनिंग, उन्हें पोर्टल पर अपलोड करने और उनके निपटारे के काम को बेहद तेज रफ्तार से पूरा किया जा सके.
राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने बताया कि महाअभियान में मिलने वाले सभी आवेदनों को समय पर निपटाना विभाग की सबसे पहली प्राथमिकता है. इसी बात को ध्यान में रखकर मुख्यालय स्तर पर एक मजबूत मॉनिटरिंग सिस्टम तैयार किया गया है, जो राज्य के सभी जिलों में हो रहे कामों पर लगातार नजर रख रहा है.
46 लाख आवेदनों को निपटाने का लक्ष्य, हर घंटे ली जा रही है रिपोर्ट
मंत्री ने बताया कि विभाग का मुख्य लक्ष्य पूरे राज्य से आए करीब 46 लाख आवेदनों की स्कैनिंग और अपलोडिंग का काम जल्द से जल्द खत्म करना है. इस काम को समय पर पूरा कराने के लिए मुख्यालय से हर घंटे सभी जिलों की प्रगति की समीक्षा की जा रही है और नया डेटा इकट्ठा किया जा रहा है. जिस भी जिले या अंचल में काम की रफ्तार धीमी मिल रही है, वहां के अधिकारियों को तुरंत जरूरी निर्देश दिए जा रहे हैं.
उन्होंने कहा कि यह राजस्व महाअभियान राज्य के लाखों आम लोगों की जमीन-जायदाद से जुड़ा हुआ है. इसलिए काम में किसी भी तरह की लापरवाही या ढिलाई को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. सभी जिलों को कड़े निर्देश दिए गए हैं कि वे इन विशेष शिविरों के जरिए आए आवेदनों को प्राथमिकता देकर निपटाएं और हर दिन की रिपोर्ट विभाग को भेजें.
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अफसरों को सौंपी गई जिम्मेदारी, ढिलाई पर नपेंगे अधिकारी
विभाग ने अलग-अलग प्रमंडलों में काम की देखरेख और निगरानी के लिए बड़े अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय कर दी है. पटना प्रमंडल की कमान अजय कुमार सरकार को दी गई है, जबकि तिरहुत प्रमंडल की जिम्मेदारी संतोष कुमार चौधरी को सौंपी गई है. इसी तरह कोशी और सारण प्रमंडल की निगरानी उमा शंकर करेंगे. मगध और भागलपुर प्रमंडल का जिम्मा सक्षम सिंह को, दरभंगा प्रमंडल की देखरेख मयंक आशुतोष आनंद को और पूर्णिया तथा मुंगेर प्रमंडल की जिम्मेदारी अश्विनी कुमार को दी गई है.
मंत्री ने बताया कि इन सभी तैनात अफसरों को आदेश दिया गया है कि वे अपने प्रमंडल के तहत आने वाले जिलों के कामों की हर दिन समीक्षा करें और उसकी प्रोग्रेस रिपोर्ट मुख्यालय को सौंपें. इससे अभियान की रफ्तार पर लगातार नजर बनी हुई है और जरूरत पड़ने पर तुरंत फैसले लिए जा रहे हैं.
जायसवाल ने कहा कि अधिकारियों और कर्मचारियों की मेहनत से इस महा-अभियान के लक्ष्यों को समय पर पूरा कर लिया जाएगा. इससे आम जनता को राजस्व से जुड़ी सेवाओं का लाभ आसानी से मिल सकेगा.
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