Bihar Police News: बिहार में बड़े लेवल पर बदलेगी क्राइम रिसर्च की तस्वीर, फॉरेंसिक इन्फ्रास्ट्रक्चर की ताकत बढ़ेगी तीन गुनी

Bihar Police News: बिहार पुलिस नई-नई तकनीकों को अपना कर खुद को मजबूत कर रही. ऐसे में अब राज्य में क्राइम रिसर्च की तस्वीर बड़े लेवल पर बदलने वाली है. राज्य के फॉरेंसिक इन्फ्रास्ट्रक्चर को तीन गुना मजबूत करने का टारगेट सेट किया गया है.

Bihar Police News: बिहार में अपराधियों को कम समय में ही सबूत इकट्ठा कर सजा दिलाने के लिए बड़ी तैयारी की जा रही है. इसके लिए राज्य में क्राइम रिसर्च की तस्वीर जल्द ही बड़े स्तर पर बदलने जा रही है. बिहार पुलिस राज्य के फॉरेंसिक इन्फ्रास्ट्रक्चर को तीन गुना तक मजबूत करने के लक्ष्य को अंतिम रूप देने की दिशा में आगे बढ़ चुकी है.

राज्य में स्थापित होंगे 9 फॉरेंसिक लैब

जानकारी के मुताबिक, राज्य में टोटल 9 नई Forensic Science Laboratories (FSL) स्थापित की जानी है. इस योजना के तहत पूर्णिया रीजनल फॉरेंसिक लैब एक फरवरी से पूरी तरह काम करने लगेगी. सूत्र की माने तो, एडीजी सीआईडी पारसनाथ ने मिशन मोड में काम पूरा करने का निर्देश दिए हैं. साथ ही हर तीन महीने के अंतराल पर प्रस्तावित रीजनल फॉरेंसिक लैब को शुरू करने का लक्ष्य तय किया है.

इससे यह फायदा हो सकेगा कि राज्य के अलग-अलग हिस्सों में क्राइम जांच के लिए स्थानीय स्तर पर ही फॉरेंसिक सुविधा उपलब्ध हो सकेगी और पुलिस को जल्द से जल्द कार्रवाई में बड़ी मदद मिलेगी.

नए लैब बनने से ये कमी होगी दूर

दरअसल, अब तक बिहार में लिमिटेड फॉरेंसिक संसाधनों के कारण हर साल दर्ज 40 से 50 हजार गंभीर आपराधिक मामलों में से करीब 10 हजार मामलों में ही एफएसएल टीम मौके पर भेज पाती थी. नए आपराधिक कानून के तहत सात साल से अधिक सजा वाले मामलों में फॉरेंसिक टीम का घटनास्थल पर जाना अनिवार्य कर दिया गया है. ऐसे में नए लैब की स्थापना से यह कमी दूर होगी और हर गंभीर वारदात की वैज्ञानिक जांच संभव हो पायेगी.

फॉरेंसिक लैब के लिए एमओयू साइन

बिहार में पटना, मुजफ्फरपुर, भागलपुर और राजगीर में चार एफएसएल शुरू की गई है. अब 2021 में जारी अधिसूचना के तहत रेंज मुख्यालय स्तर पर 9 नई रीजनल एफएसएल स्थापित की जा रही हैं. साथ ही गंभीर मामलों के लिए नेशनल फॉरेंसिक साइंस लैब और साइबर अपराधों के लिए दो साइबर फॉरेंसिक लैब स्थापित करने को लेकर एमओयू किया गया है.

नए लैब स्थापित होने से होंगे ये फायदे

जानकारी के अनुसार, आधुनिक उपकरणों की खरीद और लगभग 200 संविदा कर्मियों की बहाली की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है. आने वाले एक से दो सालों में सभी 9 लैब पूरी तरह शुरू हो जायेंगी. एफएसएल का सीधा असर यह होगा कि हत्या, बलात्कार, डकैती और संगठित अपराध जैसे मामलों में सबूत मजबूत होंगे. जांच में देरी कम होगी और दोषियों को सजा दिलाना आसान होगा.

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Author: Preeti Dayal

प्रीति दयाल, प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर काम कर रहीं हैं. यूट्यूब पोर्टल सिटी पोस्ट लाइव से पत्रकारिता की शुरुआत की. इसके बाद डेलीहंट और दर्श न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में काम कर चुकीं हैं. डिजिटल मीडिया और कंटेंट राइटिंग में साढ़े 3 साल का अनुभव है. खबरें लिखना, वेब कंटेंट तैयार करने और ट्रेंडिंग सब्जेक्ट पर सटीक और प्रभावी खबरें लिखने का काम कर रहीं हैं. प्रीति दयाल ने पत्रकारिता की पढ़ाई संत जेवियर्स कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी से की. इस दौरान पत्रकारिता से जुड़ी कई विधाओं को सीखा. मीडिया संस्थानों में काम करने के दौरान डिजिटल जर्नलिज्म से जुड़े नए टूल्स, तकनीकों और मीडिया ट्रेंड्स को सीखा. पहली बार लोकसभा चुनाव 2024 और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 जैसे बड़े चुनावी कवरेज में काम करने का अवसर मिला. इस दौरान बिहार की राजनीति, चुनावी रणनीतियों, राजनीतिक दलों और प्रमुख नेताओं से जुड़े कई प्रभावशाली और पाठकों की रुचि के अनुसार कंटेंट तैयार किए. चुनावी माहौल को समझते हुए राजनीतिक विश्लेषण और ट्रेंडिंग मुद्दों पर आधारित खबरों को आसान और प्रभावी भाषा में तैयार करना कार्यशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है. कंटेंट रिसर्च, SEO आधारित लेखन, सोशल मीडिया फ्रेंडली कंटेंट तैयार करना और तेजी से बदलते न्यूज वातावरण में काम करना प्रमुख क्षमताओं में शामिल है. बिहार की राजनीति, सामाजिक मुद्दों, सिनेमा और देश-दुनिया की महत्वपूर्ण घटनाओं पर रुचि और समझ है. टीम के साथ बेहतर समन्वय बनाकर काम करना और समय सीमा के अंदर गुणवत्तापूर्ण काम पूरा करना कार्यशैली का हिस्सा है. प्रीति दयाल का उद्देश्य डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में लगातार सीखते हुए अपनी पत्रकारिता कौशल को और बेहतर बनाना और पाठकों तक विश्वसनीय और प्रभावशाली खबरें पहुंचाना है.

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