Bihar News: साहेबगंज-अरेराज-बेतिया एनएच को हरी झंडी का इंतजार, 5800 करोड़ रुपए होंगे खर्च

Bihar News: पटना से बेतिया के बीच तैयार होने वाले एनएच को केंद्र की तरफ से हरी झंडी का इंतजार है. इस सड़क निर्माण में करीब 5800 करोड़ खर्च किये जायेंगे. इससे पटना से बेतिया की दूरी लगभग 100 किमी कम हो जायेगी.

Bihar News: पटना- बेतिया एनएच-139 डब्ल्यू नयी फोरलेन ग्रीनफील्ड सड़क का निर्माण करीब 167 किमी लंबाई में होना है. इसमें से साहेबगंज-अरेराज बेतिया करीब 64.6 किमी लंबाई में निर्माण के लिए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से मंजूरी का इंतजार है. भारतमाला परियोजना के तहत इसकी डीपीआर बन चुकी है और जमीन अधिग्रहण लगभग हो चुका है. वहीं, सड़क की निर्माण एजेंसी के चयन के लिए निविदा की प्रक्रिया चल रही है, लेकिन निविदा पर अंतिम निर्णय से पहले केंद्र सरकार की मंजूरी का इंतजार है. 

5800 करोड़ होंगे खर्च

इस ग्रीनफील्ड सड़क के तैयार हो जाने से पटना से बेतिया की दूरी लगभग 100 किमी कम हो जायेगी. केवल तीन घंटे में लोग सफर पूरा कर सकेंगे. अभी लोगों को आने जाने में करीब पांच से छह घंटे का समय लग जाता है. सूत्रों के अनुसार, पटना से बेतिया बनने वाली यह सड़क पटना में एम्स गोलंबर से शुरू होगी. इसमें 167 किमी लंबाई में से 147.33 किमी ग्रीनफील्ड हाइवे (नयी सड़क) होगी. दीघा के जेपी सेतु होते हुए यह सड़क बकरपुर से मानिकपुर, साहेबगंज, केसरिया और अरेराज होते हुए बेतिया के निकट एनएच 727 से जुड़ जायेगी. सड़क के निर्माण पर लगभग 5800 करोड़ खर्च किये जायेंगे. 

बिहार से जुड़ी ताजा खबरों के लिए क्लिक करें

पांच फेज में होगा निर्माण

नये एनएच का निर्माण पांच चरणों में किया जायेगा. पहले चरण में पटना के एम्स से बकरपुर (सोनपुर) तक, दूसरे चरण में बकरपुर (सोनपुर) से मानिकपुर, तीसरे चरण में मानिकपुर से साहेबगंज, चौथे फेज में साहेबगंज से अरेराज और पांचवें फेज में अरेराज से बेतिया तक सड़क का निर्माण कराया जाना है.

ALSO READ: CM Nitish Pragati Yatra: आज से शुरू हो रही सीएम नीतीश की प्रगति यात्रा, ‘बापू’ की कर्मभूमि में पहला दिन

पटना आने-जाने वाले लोगों को होगी सुविधा

पटना से बेतिया के बीच सड़क निर्माण होने से उत्तर बिहार और उत्तर प्रदेश से पटना आने-जाने वालों को सुविधा होगी. दीघा से बकरपुर के बीच छह लेन पुल का निर्माण होने से जेपी सेतु के बाद लोगों को एक और नया विकल्प मिल जाएगा. उत्तर बिहार को जोड़ने का यह एक बेहतर माध्यम साबित होगा. वर्तमान जेपी सेतु के नीचे रेलवे लाइन और ऊपर सड़क है. पुल की चौड़ाई कम होने के चलते गाड़ियों की आवाजाही में दिक्कत होती है.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Aniket kumar

अनिकेत कुमार प्रभात खबर के साथ पिछले दो वर्षों से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. वे मुजफ्फरपुर समेत उत्तर बिहार के आठ प्रमुख जिलों—मुजफ्फरपुर, दरभंगा, सीतामढ़ी, समस्तीपुर, मधुबनी, शिवहर, बेतिया और मोतिहारी—की डिजिटल टीम को लीड करते हैं. पत्रकारिता में उन्हें करीब पांच वर्षों का अनुभव है.

डिजिटल पत्रकारिता के विभिन्न आयामों की समझ रखने वाले अनिकेत वर्तमान में हाइपरलोकल पत्रकारिता पर विशेष रूप से काम कर रहे हैं. हाइपरलोकल, क्राइम और राजनीति से जुड़ी खबरों में उनकी खास रुचि है. इससे पहले वे बिहार और उत्तर प्रदेश की राजनीतिक खबरों पर भी काम कर चुके हैं. खबरों के साथ-साथ वीडियो इंटरव्यू, वीडियो रिपोर्ट और सोशल मीडिया रील्स बनाने का अनुभव भी रखते हैं. YouTube और Instagram के कंटेंट एल्गोरिद्म और डिजिटल ऑडियंस की पसंद को समझते हुए वे खबरों को अलग-अलग डिजिटल फॉर्मेट में प्रस्तुत करने पर भी काम करते हैं.

अपने पत्रकारिता करियर में उन्होंने उत्तर प्रदेश विधानसभा उपचुनाव और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को जमीनी स्तर पर कवर किया है. प्रभात खबर के साथ बिहार विधानसभा चुनाव कवरेज के दौरान उन्होंने करीब 50 विधानसभा क्षेत्रों का दौरा किया, जहां मतदाताओं से सीधे संवाद किया और प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में चौपाल कार्यक्रम किए. नेताओं से सीधे सवाल पूछने के साथ उन्होंने जनता के बीच जाकर कई जमीनी मुद्दों को वीडियो रिपोर्ट के जरिए सामने रखा. चुनाव के दौरान अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में समय बिताने और लोगों के बीच रहकर रिपोर्टिंग करने के अनुभव उन्हें डेस्क पर खबरों को बेहतर संदर्भ के साथ समझने और प्रस्तुत करने में मदद करते हैं.

प्रभात खबर से पहले वे राजस्थान पत्रिका और न्यूजट्रैक जैसे मीडिया संस्थानों के साथ काम कर चुके हैं. उन्होंने शुरुआती शिक्षा मुजफ्फरपुर में अंग्रेजी माध्यम से प्राप्त की और इसके बाद इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की.

बदलते मीडिया परिदृश्य और AI के दौर की पत्रकारिता को समझने में भी उनकी लगातार रुचि है. वे नए AI टूल्स और तकनीकों को सीखते हैं और उन्हें पत्रकारिता के काम में उपयोग करने के तरीकों पर लगातार प्रयोग करते रहते हैं. खाली समय में साहित्यिक किताबें पढ़ना और वीडियो बनाना उन्हें पसंद है. उनके लिए पत्रकारिता एक लगातार सीखने और बेहतर करने की प्रक्रिया है.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >