Bihar News: बांसघाट पर बनाए गए विद्युत शवदाह गृह परिसर बनकर तैयार हो गया है. अब इसके संचालन और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है. यहां शव जलाने के लिए ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा की जा रही है. साथ ही अंत्येष्टि से जुड़ी सभी सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध कराई जायेंगी. इससे अंतिम संस्कार के समय लोगों को बाहर भटकना नहीं पड़ेगा.
सामग्रियों की दरें की जी रही तय
साथ ही अंत्येष्टि और अन्य जरूरी सामग्री के लिए अधिक भुगतान नहीं करना होगा. इसके लिए सभी सामग्री की कीमत तय की जा रही है. कोटेशन भी मांगा गया है. कम कीमत में बेहतर क्वालिटी में सामग्री देने वाले को फाइनल किया जाएगा. शवदाह गृह की निर्माण एजेंसी बुडको को इसके मेंटेनेंस और अन्य कामों के लिए पांच साल की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि संचालन के लिए ईशा फाउंडेशन से बात चल रही है.
धोती-साड़ी सहित 45 तरह की अंत्येष्टि सामग्री मिलेगी
मोक्ष द्वार के पास अंत्येष्टि की सामग्री मिलेगी. इसमें कपड़ा, डीप गप्स क्लोथ, लेस गप्स क्लोथ, एकरंगा क्लोथ, राम नाम पट्टी, धोती, घी, चंदन की लकड़ी, देवदार, अगरबत्ती, कपूर, गुलाब जल, पंचमेवा, साड़ी, चुना, माचिस, जौ, हवन समेत 45 तरह की सामग्री मिलेगी. शवदाह गृह परिसर में पारंपरिक तरीके से अंतिम संस्कार करने की सुविधा उपलब्ध है. इसके लिए तय कीमत पर सखुआ की लकड़ी 40 किलो, आम की लकड़ी 40 किलो और प्रति झलसी पौधा उपलब्ध कराया जाएगा.
परिसर में खाने-पीने की भी व्यवस्था
शवदाह गृह परिसर में खाने-पीने की व्यवस्था भी की जा रही है. इसके लिए दुकानें बनाई गई हैं. इनमें पुड़ी, जलेबी, सब्जी, वेज थाली, रसगुल्ला, गुलाब जामुन सहित 13 प्रमुख खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने की तैयारी है. सभी वस्तुएं तर रेट पर उपलब्ध होंगी. यहां कैंटीन भी बनाया गया है.
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