Bihar: बिहार सरकार राज्य के भूमिहीन परिवारों को जमीन उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है. राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि बसेरा-2 अभियान के तहत ऐसे सभी लोगों की पहचान की जाएगी जिनके पास रहने के लिए अपनी जमीन नहीं है. सरकार का लक्ष्य है कि पात्र परिवारों को जमीन देकर उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ भी दिलाया जा सके.
मंत्री ने कहा कि जब तक किसी गरीब परिवार के पास जमीन नहीं होगी, तब तक वह आवास योजना का पूरा लाभ नहीं ले पाएगा. इसी वजह से सरकार पहले जमीन उपलब्ध कराने पर जोर दे रही है.
तीन डिसमिल जमीन देने पर फोकस
दिलीप जायसवाल ने बताया कि सरकार की कोशिश है कि हर भूमिहीन परिवार को कम से कम तीन डिसमिल जमीन मिल सके. इसके लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा. विभाग विभिन्न जिलों में ऐसे परिवारों का सर्वे कराएगा और पात्र लोगों को योजना से जोड़ा जाएगा.
उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि कोई भी जरूरतमंद परिवार जमीन और आवास जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित न रहे. इसी मकसद के साथ अभियान को आगे बढ़ाया जाएगा.
सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों को चेतावनी
राजस्व मंत्री ने सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ भी कड़ा रुख दिखाया है. उन्होंने कहा कि बिहार में बड़ी मात्रा में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण किया गया है. कई मामलों में सरकारी जमीन को गलत तरीके से निजी जमीन में बदलने और बेचने तक की शिकायतें सामने आई हैं.
मंत्री ने साफ कहा कि ऐसे लोगों की पहचान की जा रही है और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा. सरकार सभी मामलों की जांच करा रही है और जहां भी गड़बड़ी मिलेगी, वहां कार्रवाई होगी.
जमीन घोटालों की जांच शुरू
दिलीप जायसवाल ने बताया कि विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि कितनी सरकारी जमीनों का स्वरूप बदलकर उन्हें निजी संपत्ति के रूप में बेचा गया. जांच के दौरान कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें सरकारी जमीन को रिकॉर्ड में बदलाव कर निजी भूमि दिखाने की कोशिश की गई.
उन्होंने कहा कि कुछ मामलों में विभागीय कर्मियों और बिचौलियों की मिलीभगत की भी आशंका है. ऐसे मामलों की जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई होगी.
कर्मचारियों और दलालों पर भी होगी कार्रवाई
मंत्री ने कहा कि सिर्फ जमीन कब्जाने वालों पर ही नहीं, बल्कि इस पूरे खेल में शामिल कर्मचारियों और दलालों पर भी कार्रवाई की जाएगी. राजस्व विभाग को पारदर्शी बनाने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं.
उन्होंने बताया कि कई अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है और आगे भी लापरवाही या भ्रष्टाचार मिलने पर सख्त कदम उठाए जाएंगे.
राजस्व विभाग राज्यभर में लंबित मामलों को तेजी से निपटाने की दिशा में काम कर रहा है. मंत्री ने कहा कि विभाग का लक्ष्य आम लोगों को समय पर सेवाएं देना और भूमि संबंधी विवादों को जल्द सुलझाना है.
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किन लोगों को मिलेगा लाभ
सरकार की यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर और भूमिहीन परिवारों के लिए है. इसमें ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब परिवारों को प्राथमिकता दी जाएगी. दलित, महादलित, अल्पसंख्यक, पिछड़ा और अति पिछड़ा वर्ग के पात्र परिवारों को विशेष प्राथमिकता मिलने की संभावना है.
योजना का लाभ उन्हीं परिवारों को मिलेगा जिनका नाम प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की सूची में शामिल है. इसके अलावा परिवार की मुखिया महिला सदस्य होने की शर्त भी लागू रहेगी. यदि किसी पंचायत में आवंटन के लिए सरकारी जमीन उपलब्ध नहीं होगी, तब पात्र परिवारों को एक लाख रुपये तक की सहायता देने का प्रावधान लागू किया जा सकता है.
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