बिहार के सरकारी ITI को ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ बनायेगी नीतीश सरकार, सीएम ने दिये ये विशेष निर्देश…

टाटा टेक्नोलॉजी राज्य के सभी 149 सरकारी आइटीआइ को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनायेगी. पहले चरण में 60 आटीआइ पर काम होगा. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आइटीआइ को बेहतर बनाने के लिए कई विशेष निर्देश दिये हैं. उन्होंने कहा कि सभी आइटीआइ संस्थानों में ऑनलाइन ट्रेनिंग के साथ-साथ फिजिकल ट्रेनिंग भी कराएं. इनमें जरूरत के अनुसार ट्रेनरों की संख्या भी बढ़ाएं. उन्होंने अधूरे पड़े आइटीआइ भवनों का निर्माण जल्द पूरा करने और इनमें संस्थानों को शिफ्ट करने का निर्देश दिया.

By Prabhat Khabar | February 19, 2021 7:27 AM

टाटा टेक्नोलॉजी राज्य के सभी 149 सरकारी आइटीआइ को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनायेगी. पहले चरण में 60 आटीआइ पर काम होगा. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आइटीआइ को बेहतर बनाने के लिए कई विशेष निर्देश दिये हैं. उन्होंने कहा कि सभी आइटीआइ संस्थानों में ऑनलाइन ट्रेनिंग के साथ-साथ फिजिकल ट्रेनिंग भी कराएं. इनमें जरूरत के अनुसार ट्रेनरों की संख्या भी बढ़ाएं. उन्होंने अधूरे पड़े आइटीआइ भवनों का निर्माण जल्द पूरा करने और इनमें संस्थानों को शिफ्ट करने का निर्देश दिया.

श्रम संसाधन विभाग की तरफ से गुरुवार को मुख्यमंत्री के समक्ष राज्य के सभी आइटीआइ को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने संबंधी प्रेजेंटेशन दिया गया. सीएम ने कहा कि नयी टेक्नोलॉजी सीखने से छात्रों को बेहतर रोजगार मिल सकेगा, साथ ही उद्योग क्षेत्र का भी विकास होगा.

विभागीय मंत्री जीवेश मिश्रा ने बताया कि इंडस्ट्री-4 के तहत पहले चरण में 60 आइटीआइ को उन्नत बनाने का काम मार्च, 2022 तक पूरा कर लिया जायेगा. उद्योगों के बदलते परिवेश को देखते हुए इन्हें विकसित किया जायेगा. हर वर्ष इनमें 15 हजार बच्चों को ट्रेनिंग दी जायेगी. इससे प्रदेश के युवा अपना कौशल विकास करने के साथ ही देश और विदेश में आसानी से रोजगार प्राप्त कर सकेंगे. छात्रों को विश्वस्तरीय सुविधा देने के लिए कौशल विकास केंद्रों को और भी आधुनिक बनाया जा रहा है.

इस दौरान प्रधान सचिव मिहिर कुमार सिंह ने कहा कि पहले चरण में 60 आइटीआइ को विकसित करने पर 2188 करोड़ रुपये खर्च होंगे. यानी हर संस्थान पर 36.48 करोड़ रुपये खर्च होंगे. इसमें 88% राशि टाटा टेक्नोलॉजी और 12% राशि राज्य सरकार अपने स्तर पर खर्च करेगी. टाटा टेक प्रत्येक संस्थान के साथ प्राइमरी पार्टनर के तौर पर काम करेगी.

प्रत्येक संस्थान में एक हजार वर्गफुट जगह इसके लिए दी जायेगी. इन्हें हब एंड स्पोक मॉडल के आधार पर तैयार किया जायेगा. इनमें सात क्षेत्रों-इलेक्ट्रिक वाहन, आइओटी, डिजिटल इंस्ट्रूमेंटेशन, मशीनिंग और विनिर्माण एडवाइजर, आर्क वेल्डिंग के साथ औद्योगिक रोबोटिक्स, आइटी और डिजाइन, सभी तरह की मरम्मत और रख-रखाव के साथ आधुनिक प्लंबिंग के भी काम किये जायेंगे. इनमें सैंपल जॉब रोल पर ट्रेनिंग भी दी जायेगी.

टाटा टेक सभी ग्लोबल औद्योगिक पार्टनरों को एक साथ लायेगी. वह प्रोजेक्ट के लिए एक बेसलाइन अध्ययन तैयार करने के साथ आधारभूत संरचना भी बनायेगी. छात्रों का अध्ययन पूरा होने के बाद लेऑउट ड्राइंग तैयार किया जायेगा.

इसके तहत आइटीआइ को टाटा टेक 120 ट्रेनर भी उपलब्ध करायेगी. नोडल सेंटर पर 20 प्रशिक्षक रहेंगे. इनके माध्यम से विषय आधारित इंडस्ट्री एक्सपर्ट की मदद से नियमित और समयबद्ध रूप से मॉनीटरिंग करायी जायेगी. जिन छात्रों को प्रशिक्षण दिया जायेगा, उन्हें रोजगार देने में पार्टनर इंडस्ट्री सहयोग करेंगे.

बैठक में मुख्य सचिव दीपक कुमार, सीएम के प्रधान सचिव चंचल कुमार, सचिव मनीष कुमार वर्मा व अनुपम कुमार, ओएसडी गोपाल सिंह, टाटा टेक्नोलॉजी के उपाध्यक्ष सुशील कुमार, ग्लोबल निदेशक एजुकेशन पुष्करराज कॉलगुड समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद थे.

Posted By :Thakur Shaktilochan

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