नीतीश सरकार का बड़ा फैसला, स्कूल हो या मदरसा, 1 तारीख को मिलेगी सैलरी

Bihar Government: बिहार सरकार ने राज्य के सरकारी, संस्कृत और मदरसा विद्यालयों के शिक्षकों के लिए बड़ा फैसला लिया है. अब हर महीने की पहली तारीख को वेतन देना अनिवार्य होगा. करीब 5.97 लाख शिक्षकों को इसका लाभ मिलेगा. वेतन में देरी होने पर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है.

Bihar Government: बिहार के सरकारी स्कूलों में पढ़ाने वाले लाखों शिक्षकों के लिए एक बहुत अच्छी खबर आई है. अब उन्हें अपने सैलरी के लिए महीनों या हफ्तों तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा. शिक्षा विभाग ने साफ कर दिया है कि राज्य के सभी 5.97 लाख शिक्षकों को अब हर महीने की पहली तारीख को ही उनके बैंक खातों में वेतन भेज दिया जाएगा.

किन-किन को मिलेगा फायदा?

यह नियम सिर्फ सामान्य सरकारी स्कूलों पर ही नहीं, बल्कि संस्कृत विद्यालयों, अल्पसंख्यक स्कूलों और मदरसों के शिक्षकों पर भी लागू होगा. इसके अलावा, स्कूलों में तैनात गार्ड्स को भी अब पहली तारीख को ही पैसे मिलेंगे. शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेन्द्र ने शनिवार को सभी जिलों के शिक्षा पदाधिकारियों (DEO) को इस संबंध में निर्देश जारी किया है.

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अफसरों पर गिरेगी गाज

विभाग ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि अगर वेतन भुगतान में किसी भी तरह की देरी हुई, तो इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा. इसके लिए 8 दिसंबर 2025 को जारी की गई मानक कार्यप्रणाली (SOP) को सख्ती से लागू करने को कहा गया है. पहले शिक्षकों को वेतन के लिए अक्सर दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते थे या कई बार फाइलें अटकी रहती थीं, लेकिन अब डिजिटल व्यवस्था और सख्त निर्देशों के कारण यह प्रक्रिया तेज हो जाएगी.

इस फैसले से उन शिक्षकों को बड़ी राहत मिली है जो अपने घर का खर्च, बच्चों की फीस या लोन की किस्तें समय पर भरना चाहते हैं. शिक्षा विभाग का मानना है कि समय पर पैसा मिलने से शिक्षक अधिक उत्साह और ईमानदारी के साथ बच्चों को पढ़ा सकेंगे.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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