Bihar Cyber Fraud: बिहार साइबर अपराध एवं सुरक्षा यूनिट और पटना साइबर थाने की कार्रवाई में एक साइबर ठगी गिरोह का खुलासा हुआ है. पुलिस ने चार साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है. शुरुआती जांच में इस नेटवर्क के जरिए अलग-अलग राज्यों और देश के बाहर के लोगों से करीब 3 करोड़ रुपये की ठगी किए जाने की जानकारी सामने आई है. आरोपियों के पास से मोबाइल, बैंक खातों और दूसरे तकनीकी सबूत भी मिले हैं.
कस्टमर केयर नंबर में सिर्फ 1 हटाकर बनाते थे फर्जी नंबर
पुलिस की जांच में ठगी का तरीका सामने आया है. आरोपी एक्सिस बैंक के कस्टमर केयर के 11 अंकों वाले टोल फ्री नंबर में सबसे आगे का अंक 1 हटा देते थे. इसके बाद उससे मिलता-जुलता नंबर तैयार किया जाता था. इस काम में एयरटेल स्टोर में काम करने वाले कर्मचारी और दूसरे डिस्ट्रीब्यूटर की मिलीभगत का भी इस्तेमाल किया जाता था.
फिर बैंक कर्मचारी बनकर करते थे फोन
फर्जी नंबर तैयार करने के बाद आरोपी खुद को बैंक कर्मचारी बताकर लोगों से संपर्क करते थे. इसके बाद कभी क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने, कभी बैंक खाते के नाम पर रिवॉर्ड प्वाइंट देने और कभी बिजली बिल अपडेट करने के नाम पर लोगों को ठगी का शिकार बनाया जाता था.
ठगी से मिली रकम को इधर-उधर भेजने के लिए आरोपियों ने अलग-अलग लोगों के नाम पर मौजूद बैंक खातों, मोबाइल सिम और दूसरे डिजिटल संसाधनों का इस्तेमाल किया. पुलिस के मुताबिक गिरोह अपनी पहचान छिपाने के लिए पटना, नालंदा, गया और शेखपुरा के अलग-अलग इलाकों में रहकर ठगी करता था.
संदिग्ध मोबाइल नंबर से खुली गिरोह की कड़ी
मामला 20 सितंबर को सामने आया, जब पटना साइबर थाने में मिली ऑनलाइन शिकायतों और साइबर पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी का तकनीकी विश्लेषण किया जा रहा था. इसी दौरान एक संदिग्ध मोबाइल नंबर और उससे जुड़ी डिजिटल गतिविधियों की जानकारी मिली.
तकनीकी जांच में इस नंबर की लोकेशन कंकड़बाग के ट्रांसपोर्ट नगर इलाके में मिली. इसके बाद पुलिस टीम ने वहां छापेमारी की और प्रतोश कुमार को पकड़ा. उसके पास से मोबाइल फोन और दूसरा सामान मिला है. पूछताछ और तकनीकी जांच के बाद पुलिस को गिरोह के बाकी लोगों और पूरे नेटवर्क के बारे में जानकारी मिली.
चार आरोपियों के नाम
पुलिस के प्रेस नोट के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों में प्रतोश कुमार, गुड्डू कुमार, अंशु कुमार और विक्की कुमार शामिल हैं. ये आरोपी शेखपुरा, नालंदा और पटना के रहने वाले बताए गए हैं. इनके अलावा चार आरोपी अभी फरार बताए गए हैं.
5 मोबाइल और 5 सिम बरामद
गिरफ्तार आरोपियों के पास से कुल 5 मोबाइल फोन, एक चेकबुक, दो बैंक खाते और 5 सिम जब्त किए गए हैं. पुलिस इन सामान और डिजिटल सबूतों की मदद से गिरोह से जुड़े दूसरे लोगों और ठगी की रकम के बारे में आगे जांच कर रही है.
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385 शिकायतें भी सामने आईं
जांच में यह भी सामने आया कि बरामद मोबाइल नंबरों और डिजिटल संसाधनों से जुड़े राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर 385 शिकायतें दर्ज हैं. अलग-अलग राज्यों में दर्ज शिकायतों और संदिग्ध लेन-देन का तकनीकी मिलान किया जा रहा है. इससे पुलिस गिरोह के दूसरे राज्यों से जुड़े नेटवर्क और ठगी की वास्तविक रकम का आकलन कर रही है.
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