Bihar Cabinet Expansion: बिहार में कैबिनेट विस्तार को लेकर सियासी हलचल तेज है. इस बीच आज मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी दिल्ली दौरे के बाद दोपहर 12.30 बजे पटना लौट रहे हैं. ऐसा माना जा रहा है कि मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर उन्हें भाजपा के अलावा एनडीए के घटक दलों के शीर्ष नेताओं से सहमति मिल गई है. भाजपा ने अपने कोटे से होने वाले संभावित मंत्रियों के नाम तय कर लिए हैं.
चिराग-मांझी-कुशवाहा के कितने मंत्री हो सकते हैं?
दिल्ली में मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, हम के प्रमुख जीतन राम मांझी और लोजपा (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान से भी मुलाकात की थी. नयी सरकार में चिराग पासवान की पार्टी से दो मंत्री हो सकते हैं जबकि जीतन राम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी से एक-एक मंत्री पद मिलने की संभावना है. ऐसा माना जा रहा है कि दिल्ली दौरे के क्रम में मंत्रियों के नाम पर मुहर लगा दी गई है. उसकी लिस्ट तैयार हो चुकी है.
नयी कैबिनेट का फॉर्मूला तय
जानकारी के अनुसार, नयी कैबिनेट का फॉर्मूला तय हो चुका है. भाजपा और जदयू इस गठबंधन में सबसे बड़े दावेदार हैं. दोनों पार्टियों की हिस्सेदारी 15-15 ‘मिनिस्ट्रियल बर्थ’ की होगी. दोनों पार्टियों की ओर से अपने-अपने दलों के मंत्रियों के नाम तय कर दिए गए हैं. सूत्रों ने बताया कि, पहले नीतीश सरकार की कैबिनेट में जो चेहरे शामिल थे, कमोबेश वैसी ही स्थिति रहेगी. सामाजिक संतुलन के साथ पार्टी के जनाधार वाले इलाकों के हिसाब भी मंत्रिमंडल का आधार होगा.
मंत्री बनने की लालसा में पूजा-पाठ
कई ऐसे विधायक हैं जो मंत्री बनने के लिए देवताओं की अराधना कर रहे हैं. वे अपने ग्रह-नक्षत्र के मुताबिक पुरोहित की सलाह पर पूजा-पाठ कर रहे हैं. कुछ विधायक तो विंध्याचल, देवधर, बनारस के बाबा विश्वनाथ मंदिर के दर्शन के लिए निकल गए हैं. अब देखना है कि मंत्रिमंडल विस्तार में उन्हें इसका फल मिल पाता है या नहीं.
कब तक हो सकता है कैबिनेट का विस्तार?
सूत्रों की माने तो, पश्चिम बंगाल में अगर चुनाव नतीजे भाजपा के पक्ष में जाते हैं, तो बिहार में मंत्रिमंडल का गठन 7 मई के बाद होगा. अगर इसकी तस्वीर बदली तो बिहार में शपथ ग्रहण की तारीख भी बदल सकती है.
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