पांच माह में भी 514 करोड़ रुपए के प्लांट के लिए टेंडर भी पूरा नहीं, रामचक बैरिया में वेस्ट-टू-एनर्जी में होगी देरी

राजधानी पटना को गंदगी से मुक्त करने और कचरे के सही निपटान के लिए पटना नगर निगम ने एक बड़ी योजना तैयार की है

पटना.

राजधानी पटना को गंदगी से मुक्त करने और कचरे के सही निपटान के लिए पटना नगर निगम ने एक बड़ी योजना तैयार की है. निगम ने रामचक बैरिया लैंडफिल साइट पर एक अत्याधुनिक ””वेस्ट-टू-एनर्जी”” प्लांट लगाने के लिए नए सिरे से टेंडर जारी किया है. लगभग 514 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना के जरिए हर दिन करीब 1600 टन कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निपटान किया जाएगा. इस प्लांट के बनने से न केवल पटना, बल्कि आसपास के 12 नगर निकायों जैसे दानापुर, खगौल, और बिहटा की कचरा समस्या का स्थायी समाधान हो सकेगा.

बिजली और खाद का होगा उत्पादन

इस प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी खासियत इसका 15 मेगावाट का बिजली प्लांट है. यहां सूखे कचरे से बिजली बनाई जाएगी. इसके अलावा, प्लांट में हर दिन 100 टन क्षमता वाला एक बायोमेथेनेशन यूनिट भी लगेगा, जिससे बायोगैस तैयार होगी. गीले कचरे से जैविक खाद बनाने के लिए 700 टन क्षमता वाला कंपोस्ट प्लांट भी स्थापित किया जाएगा. मेयर सीता साहू ने बताया कि इस प्लांट से शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह बदल जाएगी. इससे रीसाइक्लिंग को बढ़ावा मिलेगा और प्रदूषण में कमी आएगी, जिससे स्वच्छ सर्वेक्षण में पटना की रैंकिंग भी बेहतर होगी.

डेढ़ साल में पूरा होगा काम

यह पूरा प्रोजेक्ट पीपीपी मॉडल पर आधारित है, जिसे टेंडर फाइनल होने के डेढ़ साल के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. रामचक बैरिया के 82 एकड़ इलाके में से 42 एकड़ जमीन पर यह नया सिस्टम विकसित किया जाएगा. फिलहाल यहां पुराने कचरे (लिगेसी वेस्ट) को साफ करने का काम चल रहा है, लेकिन रोजाना आने वाले नए कचरे के कारण ढेर कम नहीं हो पा रहा है. नई तकनीक और बड़े प्लांट लगने से कचरे के पहाड़ों से मुक्ति मिलेगी और शहर को स्वच्छ ऊर्जा मिल सकेगी. नगर निगम के अधिकारी ने बताया कि पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए दोबारा टेंडर निकाला गया है ताकि बेहतर तकनीक वाली कंपनी का चुनाव हो सके.

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By AJAY KUMAR

AJAY KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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