बेऊर जेल का एक और अधिकारी सस्पेंड, 3 नए सहायक कारा अधीक्षक नियुक्त, जानिए क्या है पूरा मामला

Patna Beur Jail News: पटना के आदर्श केंद्रीय कारा बेऊर में सामने आई गंभीर अनियमितताओं पर बिहार सरकार ने सख्त रुख अपनाया है. जेल अधीक्षक के बाद अब उच्च कक्षपाल को भी निलंबित कर दिया गया है. वहीं जेल प्रशासन को दुरुस्त करने के लिए तीन नए सहायक कारा अधीक्षकों की नियुक्ति की गई है.

Patna Beur Jail News: पटना स्थित आदर्श केंद्रीय कारा बेऊर में सामने आई गंभीर अनियमितताओं के मामले में बिहार सरकार लगातार कार्रवाई कर रही है. जेल अधीक्षक नीरज कुमार झा के निलंबन के बाद अब उच्च कक्षपाल संजीव कुमार ठाकुर को भी तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. कारा एवं सुधार सेवाएं विभाग की ओर से जारी आदेश में उनके खिलाफ कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं. कारा उपाधीक्षक के पद पर सुधीर कुमार शर्मा की नियुक्ति हुई है.

औचक छापेमारी में खुली भ्रष्टाचार की परतें

20 जून को कारा निरीक्षणालय और जिला प्रशासन की टीम ने बेऊर जेल में औचक निरीक्षण किया था. जांच के दौरान जेल परिसर में कई अनियमितताएं सामने आईं.

जांच टीम ने पाया कि जेल के भीतर अवैध रूप से मेस संचालित किए जा रहे थे. कई वार्डों में बंदी हीटर और अन्य उपकरणों का इस्तेमाल कर भोजन बना रहे थे. जांच के दौरान भी बंदियों को हीटर पर खाना बनाते हुए पाया गया.

कैंटीन में मनमानी, बंदियों से अवैध वसूली के आरोप

जांच में यह भी सामने आया कि जेल कैंटीन में एमआरपी से अधिक कीमत पर सामान बेचा जा रहा था. बाहर से सामान खरीदकर बंदियों को ऊंची दरों पर उपलब्ध कराया जा रहा था. स्टॉक रजिस्टर और खाद्यान्न के रिकॉर्ड में भी कई तरह की विसंगतियां मिलीं. जांच रिपोर्ट में इसे गंभीर प्रशासनिक विफलता माना गया है.

भोजन और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

निरीक्षण के दौरान बंदियों को मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता बेहद खराब पाई गई. तय मेन्यू के अनुसार भोजन उपलब्ध नहीं कराया जा रहा था.

इसके अलावा उच्च सुरक्षा कक्ष में युवा बंदियों को उम्रदराज और कुख्यात बंदियों के साथ रखा गया था. अधिकारियों ने इसे सुरक्षा मानकों का उल्लंघन माना है. इससे युवा बंदियों के शोषण की आशंका भी जताई गई है.

जांच टीम के साथ असहयोग का आरोप

सरकारी आदेश में कहा गया है कि निरीक्षण के दौरान जेल प्रशासन ने जांच टीम को अपेक्षित सहयोग नहीं दिया. जांच के समय अधिकारियों द्वारा टीम को पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध नहीं कराई गई. सरकार ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता, कर्तव्यहीनता और प्रशासनिक लापरवाही माना है.

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संजीव कुमार ठाकुर पर क्या हैं आरोप?

उच्च कक्षपाल संजीव कुमार ठाकुर पर बंदियों के साथ साठगांठ कर अवैध रूप से खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने का आरोप लगाया गया है. उन पर बाहर से सामान मंगवाकर बंदियों तक पहुंचाने, जांच टीम के साथ असहयोग करने और ड्यूटी के दौरान निर्धारित गणवेश में नहीं पाए जाने का भी आरोप है.

विभाग ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय मंडल कारा, सासाराम निर्धारित किया है. उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही भी चलाई जाएगी.

बेऊर जेल में तीन नए सहायक कारा अधीक्षकों की नियुक्ति

जेल प्रशासन में सुधार और व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार ने नई नियुक्तियां भी की हैं. केंद्रीय आदर्श कारा बेऊर में तीन नए सहायक कारा अधीक्षकों को पदस्थापित किया गया है.

विभागीय आदेश के अनुसार ज्योति कुमारी, राजीव रंजन और प्रियत्तम प्रियदर्शी को सहायक कारा अधीक्षक के पद पर नियुक्त किया गया है. माना जा रहा है कि जेल प्रशासन में पारदर्शिता बढ़ाने और व्यवस्थाओं को पटरी पर लाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है.

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Published by: Abhinandan Pandey

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