Patna News (अमृता सिंह): बिहार राज्य खाद्य एवं असैनिक आपूर्ति निगम (बीएसएफसी/एफसीए) में प्रबंध निदेशक (एमडी) की तैनाती न होने के कारण प्रशासनिक और वित्तीय कामकाज पूरी तरह से ठप हो गया है. एमडी के पदमुक्त या अनुपस्थित होने की वजह से निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों का मासिक वेतन रुक गया है, जिससे कर्मचारियों के बीच भारी असंतोष और गहरा आर्थिक संकट खड़ा हो गया है.
वित्तीय मंजूरी के बिना रुका वेतन और खरीद कार्य
स्थानीय अधिकारियों एवं कर्मचारी संघ के अनुसार, एमडी के अधिकृत हस्ताक्षर और अंतिम मंजूरी के बिना निगम का कोई भी वित्तीय लेन-देन या औपचारिक भुगतान संभव नहीं हो पा रहा है. वेतन भुगतान के अटकने के साथ-साथ निगम की आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रियाओं, दैनिक कार्यों और खरीद संबंधी महत्वपूर्ण फाइलों पर पूरी तरह से रोक लग गई है, जिससे पूरा विभाग पंगु बना हुआ है.
दवाओं की खरीद न होने से गोदामों में अनाज सड़ने का जोखिम
सबसे गंभीर चिंता निगम के विभिन्न गोदामों में रखे अनाज के रख-रखाव और सुरक्षा को लेकर पैदा हो गई है. खाद्यान्न को कीड़ों, नमी और कीटों से बचाने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली रसायनों और दवाओं की खरीद ठप पड़ गई है. कर्मचारियों का कहना है कि यदि समय रहते दवाओं का छिड़काव और कीट-नियंत्रण नहीं किया गया, तो गोदामों में सुरक्षित रखा गया लाखों क्विंटल अनाज सड़कर बर्बाद हो जाएगा.
कर्मचारियों ने सरकार से की नए एमडी की नियुक्ति की मांग
निगम के अधिकारियों और कर्मचारी संघों ने राज्य सरकार व शासन से जल्द से जल्द नए प्रबंध निदेशक (एमडी) की नियुक्ति करने या किसी अधिकारी को वैकल्पिक वित्तीय अधिकार सौंपने की गुहार लगाई है. कर्मचारियों का कहना है कि अविलंब वित्तीय अधिकार बहाल किए जाएं, ताकि वेतन का भुगतान हो सके और अनाज के संरक्षण के लिए जरूरी दवाओं की खरीदारी तुरंत शुरू की जा सके.
