बिहार में आंगनबाड़ी केंद्र के लाभुकों के लिए आधार सत्यापन जरूरी, नहीं तो पोषाहार का लाभ नहीं मिलेगा

निर्देश के मुताबिक आंगनबाड़ी केंद्र पर दी जाने वाली सेवाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए पोषण ट्रैकर एप्लिकेशन पर लाभार्थियों का पंजीकरण एवं पंजीकृत लाभार्थियों का आधार सत्यापन कराना आवश्यक है.

बिहार में आंगनबाड़ी केंद्र से छह वर्ष तक के करीब डेढ़ करोड़ लाभुकों को फरवरी से तभी पोषाहार का लाभ मिल सकेगा जब उनका आधार कार्ड का सत्यापन पोषण ट्रैक्र एप्लीकेशन से हो जायेगा. इसके लिए सभी सीडीपीओ कार्यालय में 16 जनवरी से 15 फरवरी तक कैंप लगाये जायेंगे. आइसीडीएस ने इस संबंध में सभी जिलों को निर्देश जारी किया है.

आंगनबाड़ी की सेवाओं का लाभ उठाने के लिए सत्यापन जरूरी

जारी किए गए निर्देश के मुताबिक आंगनबाड़ी केंद्र पर दी जाने वाली सेवाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए पोषण ट्रैकर एप्लिकेशन पर लाभार्थियों का पंजीकरण एवं पंजीकृत लाभार्थियों का आधार सत्यापन कराना आवश्यक है. विभाग के मुताबिक बहुत से लाभुक ऐसे हैं, जिनका निबंधन एप पर नहीं है. इस कारण से पोषाहार देने में सेविका को भी परेशानी होती है.

16 जनवरी से 15 फरवरी तक सभी सीडीपीओ कार्यालय में होगा आधार सत्यापन

आंगनबाड़ी केंद्रो पर जीरो से छह साल के बच्चों, गर्भवती एवं धात्री माताओं के पोषण ट्रैकर एप में पंजीकरण एवं आधार सत्यापन किया जायेगा. पूर्व से ट्रैकर पर निबंधित सभी लाभुकों के आधार से पहचान पत्र का मिलान होगा और नये लाभुकों का निबंधन कराया जायेगा.

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जानकारी के लिए सेविका से कर सकते हैं संपर्क

निदेशालय के मुताबिक लाभुक पहले से पोषण ट्रैकर पर निबंधित है, तो उसका मिलान वह नजदीक के आंगनबाड़ी केंद्र पर जाकर करा लें. इसके लिए सेविका को जिम्मेदारी सौपी गयी है. सेविका इस संबंध में लाभुकों को जानकारी देंगी कि उनका नाम पूर्व से जुड़ा है या नहीं. नाम जुड़ा नहीं होने पर लाभुक को सीडीपीओ कार्यालय में जाकर अपना निबंधन अनिवार्य रूप से कराना होगा. वरना फरवरी से वह योजना के लाभ से वंचित हो जायेंगे.

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