खुसरूपुर में नहीं है आरक्षण काउंटर, यात्री होते हैं परेशान

पटना, फतुहा, बख्तियारपुर जाना पड़ता है रिजर्वेशन टिकट कटाने, पैसे के साथ समय की होती है बर्बादी खुसरूपुर : बिहार की राजधानी पटना से सटे 31 किलोमीटर पूर्व खुसरूपुर स्टेशन पर आरक्षण काउंटर नहीं है. इस कारण लोगों को रिजर्वेशन टिकट कटाने के लिए पटना, बख्तियारपुर या फिर फतुहा जंक्शन जाना पड़ता है. कितने लोग […]

पटना, फतुहा, बख्तियारपुर जाना पड़ता है रिजर्वेशन टिकट कटाने, पैसे के साथ समय की होती है बर्बादी
खुसरूपुर : बिहार की राजधानी पटना से सटे 31 किलोमीटर पूर्व खुसरूपुर स्टेशन पर आरक्षण काउंटर नहीं है. इस कारण लोगों को रिजर्वेशन टिकट कटाने के लिए पटना, बख्तियारपुर या फिर फतुहा जंक्शन जाना पड़ता है.
कितने लोग साइबर कैफे का सहारा लेते हैं पर इसके लिए उन्हें हर टिकट पर 50 रुपया अतिरिक्त शुल्क चुकाना पड़ता है. सबसे अधिक परेशानी तब होती है जब तत्काल टिकट लेना होता है उस स्थिति में यहां के लोगों को एक दिन पूर्व पटना आकर होटल में ठहरना पड़ता है. इसके बदले में यहां के लोगों की समय की काफी बर्बादी तो होती ही है. साथ ही 500 रुपये के टिकट लेने के लिए 200 से 300 रुपये का होटल किराया लग जाता है.
लोगों ने खुसरूपुर रेलवे स्टेशन पर आरक्षण काउंटर खोलने के संबंध में कई बार धरना-प्रदर्शन भी किया था. साथ ही यहां के स्टेशन मास्टर व सीपीआरओ अन्य रेलवे अधिकारियों से मुलाकात कर आवेदन भी दिया है. 14 जनवरी 2019 को खुसरूपुर में राज्य सभा सांसद आरके सिन्हा ने यहां मेमों ट्रेन ठहराव के दौरान घोषणा की थी कि जल्द यहां आरक्षण काउंटर खोल दिया जायेगा.
डीआरएम ने भी कहा था की जल्द यहां आरक्षण काउंटर खोल दिया जायेगा. घोषणाओं के बावजूद भी यहां आरक्षण काउंटर खोलने के संबंध में अब तक कोई प्रयास रेलवे के आला अधिकारियों के तरफ से नहीं किया गया. इस बात को लेकर यहां के लोगों में काफी निराशा है. फिलहाल खुसरूपुर स्टेशन टिकट काउंटर पर प्रतिदिन तकरीबन 35 से 40 हजार रुपया तक की आमदनी होती है.
क्या कहते हैं लोग
आरक्षण टिकट कटाने के लिए पटना, बख्तियारपुर व फतुहा जाना पड़ता है. इस कारण यहां के लोगों को काफी परेशानी होती है. रिजर्वेशन काउंटर की मांग यहां के लोगों द्वारा वर्षों से की जा रही है.
मनिक लाल प्रसाद, चेयरमैन, खुसरूपुर
हमें बराबर अपने निजी काम से बाहर जाना होता है, पर खुसरूपुर में रिजर्वेशन काउंटर नहीं रहने के कारण पटना जाना पड़ता है. अगर यहां रिजर्वेशन काउंटर की सुविधा हो जाये तो समय व पैसे की बर्बादी नहीं होगी.
राजू कुमार, निवासी
आरक्षण कोटा के तहत यहां एक दशक पूर्व रिजर्वेशन टिकट की स्टेशन कोटे के तहत मिलती थी, पर ऑनलाइन होने के बाद से यहां का कोटा सिस्टम टिकट की सुविधा हटा दी गयी.
डॉ दिनेश कुमार जायसवाल, निवासी
यहां एक दशक पहले मैनुअल कोटा आरक्षण की सुविधा थी कुछ मुख्य ट्रेनों में, पर जब से ऑनलाइन सुविधा हुई तब से वह सुविधा भी खत्म हो गयी. इस कारण पटना, बख्तियारपुर व फतुहा जाना पड़ता है.
रवि शंकर पासवान,स्टेशन मैनेजर

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