पटना : जीएसटी लागू होने के बाद सेवा, वाणिज्यकर समेत प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष करीब 17 टैक्स समाहित हो गये. लेकिन राज्य में बड़ी संख्या में ऐसे लोग भी हैं, जिन्होंने अपना पुराना सर्विस टैक्स समेत अन्य टैक्स जमा नहीं किया है.
इनमें होटल व्यवसायी, ठेकेदार समेत इस तरह के कुछ अन्य व्यवसायी शामिल हैं. जीएसटी लागू होने के बाद उन्होंने अपना पुराने बकाये का हिसाब ही दबा दिया और इसे रिटर्न में नहीं दिखाया. इस तरह से उन्होंने जीएसटी के बाद पुराने टैक्स की देनदारी से बचने की कोशिश की है. जीएसटी की जांच में टैक्स चोरी के इस तरह के करीब 150 मामले अब तक सामने आ चुके हैं.
इन सभी मामलों की गहन जांच शुरू हो चुकी है. इन लोगों को शोकॉज करने की प्रक्रिया शुरू हो गयी है. जल्द ही इनसे टैक्स की वसूली की प्रक्रिया भी शुरू होने जा रही है. अब तक 100 से ज्यादा लोगों इस मामले में नोटिस भी दिया जा चुका है. इसके बाद अगर इन्होंने समय पर बकाया टैक्स जमा नहीं किया, तो जुर्माने के साथ ही सख्त कार्रवाई भी की जायेगी.इन पुराने बकायेदारों के पास अब तक कितने का टैक्स बकाया है, यह पूरी तरह से स्पष्ट नहीं हो पाया है.
लेकिन शुरुआती जांच में अब तक करीब 80 करोड़ रुपये टैक्स के फंसे हुए हैं. जीएसटी महकमे ने पुराने बकायेदारों से वसूली के लिए व्यापक स्तर पर अभियान शुरू कर दिया है. इन बकायेदारों के टैक्स रिटर्न का मिलान इनके आयकर रिटर्न से भी किया जा रहा है. इनके आयकर रिटर्न के आधार पर इनके डाटा का एनालिसिस किया जा रहा है. इसके आधार पर यह स्पष्ट हो जायेगा, उन्होंने जितने का आयकर रिटर्न दाखिला किया है, उस अनुपात में टैक्स जमा किया गया है या नहीं. इसमें गड़बड़ी पाये जाने पर संबंधित लोगों को नोटिस दिया जायेगा. कुछ व्यवसायियों का पुराना टैक्स रिटर्न रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है. इसमें गड़बड़ी पाये जाने पर इन पर कार्रवाई की जायेगी.
जीएसटी के बाद भी पुराने सर्विस टैक्स के मामलों की जांच जारी है और आगे भी यह जारी रहेगा. किसी रूप में कोई नया सर्विस टैक्स नहीं लगेगा, लेकिन इसमें टैक्स चोरी किये गये पुराने मामलों की जांच शुरू कर दी गयी है. गड़बड़ी करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जायेगी.
-रणजीत कुमार (आयुक्त, जीएसटी)
