पटना : बिहार के मौसम का उतार-चढ़ाव अबूझ पहेली बन गयी है. जब तक पूर्वानुमान लग पाता है तब तक अवगत कराने का वक्त गुजर चुका होता है.
ऐसे में मौसमी पूर्वानुमान को और अधिक सटीक करने के लिए इसे पंचायत स्तर तक पहुंचाने की रणनीति बनायी गयी है. इसको प्रभावी करने के लिए इंडिया मेटेरोलॉजिकल डिपार्टमेंट से खास तकनीकी व वित्तीय सहायता हासिल की गयी है. फिलहाल इसमें डाॅ राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विवि, (पूसा) समस्तीपुर व बिहार कृषि विवि, सबौर ने अपने क्षेत्राधिकार वाले जिलों के किसानों के वाट्सएप ग्रुप के चैनल बनाये हैं, इसके जरिये वह मौसम की जानकारी किसानों को तत्काल मुहैया करा सकेंगे. हालांकि, यह मौसमी पूर्वानुमान अभी केवल पेशेवर और बड़े किसानों को ही प्राप्त है.
हर प्रखंड के लिए जारी होंगे अलग पूर्वानुमान : दरअसल वाट्सएप ग्रुप में एक साथ हजारों किसानों तक संदेश पहुंचा पाना तकनीकी रूप से संभव नहीं है. चैनल सिस्टम से इसे बढ़ाया जायेगा. फिलहाल पंचायत स्तर तक पूर्वानुमान पहुंचाने के लिए मौसम पूर्वानुमान सेंटर्स की क्षमताओं में इजाफा किया जा रहा है.
किसानों तक मौसम की सटीक जानकारी पहुंचे, इसके लिए किसानों के वाट्सएप ग्रुप बनाये गये हैं. एसएमएस सेवा का विस्तार किया जा रहा है.
डाॅ ए सत्तार, वरि. मौसम विज्ञानी, पूसा वैज्ञानिक
अकेले दक्षिण बिहार में एसएमएस सेवा से पांच लाख किसानों को फायदा पहुंचा रहे हैं. इसका फायदा हुआ है. इसका लगातार विस्तार हो रहा है.
डाॅ वीरेंद्र कुमार, बिहार कृषि विवि, सबौर
इंडिया मेटेरोलॉजिकल डिपार्टमेंट ने मौसम के उतार-चढ़ाव और साफ हवा की जानकारी के लिए टाॅल फ्री नंबर जारी किया है. टॉल फ्री नंबर है-1800-220-161
