मंदिरी व बाकरगंज नाले को डेवलप करने की योजना
पटना : शहर के बड़े-लंबे खुले नालों पर अब नये सिरे से सड़क बनाने की योजना बनी है. नगर निगम ने इसके लिए पथ निर्माण विभाग से सभी नालों की रिपोर्ट मांगी है. इस योजना में पटेल नगर नाला, सैदपुर नाला, सर्पेंटाइन नाला, राजीव नगर नाला, आनंदपुरी नाला आदि शामिल है.
गौरतलब है कि नगर निगम क्षेत्र में एक दर्जन से अधिक खुले नाले हैं.
इनमें स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत मंदिरी नाला व बाकरगंज नाला को डेवलप करने की योजना बनायी गयी है. शेष नालों के ऊपर सड़क बनाने की योजना निगम बना रहा है. अनुमति मिलने पर काम शुरू होगा.
साढ़े पांच किमी है सैदपुर नहर की लंबाई : प्रेमचंद रंगशाला से लेकर अगमकुआं होते हुए पहाड़ी तक सैदपुर नाला है, जिसकी लंबाई साढ़े पांच किलोमीटर से अधिक है. वहीं, पटेल नगर नाले की लंबाई भी करीब तीन किलोमीटर है.
इन दोनों नाले के ऊपर सड़क बन जायेगी, तो शहरवासियों को नयी सड़क मिलेगी. इस नयी सड़क से राजेंद्र नगर से पटना सिटी और बाबा चौक से पटेल नगर होते हुए बोरिंग रोड की दूरी कम होगी. वहीं, लोगों को भी आने-जाने में आसानी होगी. इसके साथ ही राजीव नगर नाला की लंबाई 2.5 किमी व आनंदपुरी नाले की लंबाई तीन किमी है. इनके ऊपर भी सड़क बनने से सड़क चौड़ी होने के साथ-साथ
नाले की बदबू से भी लोगों को राहत मिलेगी.
विभागों में घूम रही योजना
नगर निगम ऐसी योजना पहली बार नहीं बना रहा है. इससे पहले नगर विकास विभाग के माध्यम से शहर के सात बड़े नालों पर सड़क बनाने की योजना बुडको के माध्यम बनी थी. इसके बाद मामला पथ निर्माण विभाग में चला गया. फिर वहां से इन योजनाओं को स्मार्ट सिटी से जोड़ा गया. नगर निगम इस पर फिर से काम कर रहा है.
क्या कहते हैं अधिकारी
आवासीय कॉलोनियों से भी खुले नाले गुजर रहे हैं, जिससे नाले के आसपास रहने वाले लोग परेशान हैं. अत: खुले नालों को ढकने की योजना बनायी जा रही है, ताकि शहरवासियों को नयी सड़कों के साथ-साथ नाले की बदबू से राहत मिल सके.
सीता साहू, मेयर, पटना नगर निगम
