पटना: हाइकोर्ट ने मंगलवार को निगरानी के एसपी को फटकार लगायी. न्यायाधीश बीएन सिन्हा और पीके झा के खंडपीठ ने निगरानी ब्यूरो के एसपी से पूछा कि आप निगरानी ब्यूरो के एसपी हैं या उच्च न्यायालय के. किशनगंज जिले के ठाकुरगंज में आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण में दो करोड़ रुपये की गड़बड़ी मामले की सुनवाई करते हुए खंडपीठ ने एक महीने में केस के निष्पादन का निर्देश दिया.
मामले की जांच कर रहे निगरानी के एसपी ने हलफनामा दायर करने के बजाय उच्च न्यायालय को पत्र लिखा था. गबन संबंधी मामले में बीडीओ और कई पदाधिकारी आरोपित हैं. सरकार से बीडीओ के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी अब तक नहीं मिली है. कोर्ट ने इस पर भी कड़ी टिप्पणी की. कोर्ट ने कहा कि मुख्यमंत्री सचिवालय ने भी इस मामले को हलके में लिया.
सुप्रीम कोर्ट भेजी जायेगी मानसिक अस्पताल की रिपोर्ट : पटना हाइकोर्ट कोइलवर मानसिक अस्पताल की बदहाली की रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को उपलब्ध करायेगा. इस संबंध में न्यायाधीश बीएन सिन्हा और पीके झा के खंडपीठ में सुनवाई हुई. सुनवाई में कोर्ट को बताया गया कि राज्य सरकार ने 2002 में सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर कर कहा था कि वह दो वर्षो में अस्पताल को सुसज्जित कर डेढ़ सौ बेड का अस्पताल बनायेंगे. यहां मानसिक रोगियों के इलाज की पूरी व्यवस्था होगी, लेकिन अब तक यहां कोई व्यवस्था नहीं हुई है. डॉक्टर,नर्स,दवा और आधारभूत संरचना भी सुदृढ़ नहीं है. खंडपीठ ने कहा कि सुनवाई में यदि विभाग के दावों से कोर्ट संतुष्ट नहीं हुआ, तो स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव को तलब किया जायेगा.
