पटना : भाजपा के खिलाफ बन रहे महागठबंधन में अवसरवादियों के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए. इस मुद्दे पर सभी दलों को सक्रिय होना होगा. बिहार में चुनाव का माहौल बन रहा है, लेकिन अब तक गठबंधन को लेकर कोई आधिकारिक बात नहीं हुई है.
इतना तय है कि 2015 में जो धोखा हुआ था वह फिर नहीं होना चाहिए. ये बातें भाकपा-माले महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने बुधवार को कहीं. वे पटना में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि सीबीआई जैसी संस्था आज पूरी तरह भाजपा के राजनीतिक हथकंडे में तब्दील हो गयी है. ऐसे में सुप्रीम कोर्ट को इसकी विश्वसनीयता बहाल करने का प्रयास करना चाहिए.
आरोपित दें इस्तीफा : दीपंकर ने कहा कि सीबीआई अधिकारी विवाद में केंद्रीय मंत्रियों से लेकर नेशनल सिक्युरिटी एडवाइजर अजित डोभाल पर गंभीर आरोप लग रहे हैं, ऐसी स्थिति में उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए.
उन्होंने कहा कि सुशील मोदी के साथ मिलकर राकेश अस्थाना ने जहां एक तरफ सृजन घोटाले की जांच को दबाने की कोशिश की. यह देश के लोकतंत्र के लिए खतरनाक है. वहीं, केंद्र सरकार रिजर्व बैंक पर तीन लाख करोड़ रुपये देने का दबाव बना रही है. यह बहुत घातक कदम होगा.
11 दिसंबर के चुनाव परिणाम से स्पष्ट हो जायेगा कि भाजपा की जमीन खिसक चुकी हैै. उन्होंने कहा कि कर्ज माफी व अन्य सवालों पर आंदोलनरत देश के किसान एक बार फिर 29-30 नवंबर को दिल्ली जा रहे हैं. आठ और नौ जनवरी 2020 को मोदी सरकार के खिलाफ मजदूर वर्ग की ऐतिहासिक हड़ताल भी होने वाली है.
