पटना : सीट बंटवारे को लेकर महागठबंधन के मुख्य घटक दलों में सुगबुगाहट तेज हो गयी है. इसकी मुख्य वजह महागठबंधन में घटक दलों की बढ़ती संख्या को लेकर है.
फिलहाल राजद, कांग्रेस, हम इसके मुख्य घटक दल हैं, लेकिन वामदल, लोजद, सपा सहित अन्य छोटी पार्टियां भी इसमें शामिल होकर चुनाव लड़ना चाहती हैं. वहीं उपेंद्र कुशवाहा के शरद यादव से मुलाकात के बाद रालोसपा के भी महागठबंधन में शामिल होकर चुनाव लड़ने की चर्चा है. ऐसे में बिहार में लोकसभा की 40 सीटों का बंटवारा महागठबंधन के घटक दलों के बीच करना एक बड़ी चुनौती होगी.
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि महागठबंधन के संयोजक की मुख्य भूमिका में शरद यादव हैं. लोजद का गठन उनकी प्रेरणा से ही हुआ है. वे लोजद के संरक्षक भी हैं, लेकिन लोकसभा चुनाव की उम्मीदवारी को लेकर बिहार में अब तक लोजद सेकोई नाम सामने नहीं आया है. वहीं राजद, कांग्रेस और हम के सूत्रों का कहना है कि इनकी संसदीय समिति में उम्मीदवारों की पहचान की चर्चा शुरू हो चुकी है.
क्या कहते हैं लोजद के नेता
विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष व लोजद नेता उदय नारायण चौधरी ने कहा है कि महागठबंधन में सीटों का बंटवारा बड़ा मुद्दा नहीं है. जनवरी 2019 तक पूरी स्थिति स्पष्ट हो जायेगी.
वाम दल सहित अन्य पार्टियों की दावेदारी
मुख्य वामपंथी पार्टियां भाकपा, माकपा और भाकपा माले महागठबंधन में शामिल होकर चुनाव लड़ना चाहती हैं. इन तीनों ने कुल मिलाकर 16 सीटों पर चुनाव लड़ने की इच्छा जतायी है. वहीं लोजद, सपा सहित अन्य पार्टियां भी लोकसभा चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं, लेकिन महागठबंधन में शामिल होकर चुनाव लड़ने की विधिवत घोषणा के बाद ही सभी स्थिति स्पष्ट होगी.
कोऑर्डिनेशन कमेटी बनने का इंतजार
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ मदन मोहन झा ने बताया कि महागठबंधन के घटक दलों में सीट बंटवारे में कोई समस्या नहीं होगी. केवल कोऑर्डिनेशन कमेटी बनने का इंतजार है.
सभी दल के नेता भाजपा और एनडीए गठबंधन को हराने के लिए कृत संकल्प हैं. फिलहाल त्योहारी माहौल के कारण कोऑर्डिनेशन कमेटी बनने में विलंब हुआ है. त्योहार खत्म हो गया है, सभी नेता जल्द ही मिल-बैठकर सब कुछ तय कर लेंगे. उन्होंने 25 नवंबर तक कोऑर्डिनेशन कमेटी के गठन की संभावना जतायी है.
