दानापुर : प्लास्टिक की खाली बोतलों से बना दी नाव

दानापुर : प्लास्टिक की जिन खाली बोतलों को लोग बेकार समझ कर फेंक देते हैं, उन्हीं बेकार बोतलों से एक युवक ने नाव बना दी. बोतलों से बनी इस नाव का गंगा की तेज लहरों में भी परिचालन हो सकेगा. इसका वजन महज 50 किलो है. इस नाव को बनाने में दो लीटर, एक लीटर […]

दानापुर : प्लास्टिक की जिन खाली बोतलों को लोग बेकार समझ कर फेंक देते हैं, उन्हीं बेकार बोतलों से एक युवक ने नाव बना दी. बोतलों से बनी इस नाव का गंगा की तेज लहरों में भी परिचालन हो सकेगा. इसका वजन महज 50 किलो है. इस नाव को बनाने में दो लीटर, एक लीटर और आधा लीटर प्लास्टिक की बोतलों का प्रयोग किया गया है.
यह नाव बनायी है अवस्थी घाट पर रहने वाले विश्वजीत कुमार उर्फ गोलू ने. विश्वजीत बताते हैं कि मर्चेंट नेवी में कोर्स करने के बाद अब तक किसी कंपनी में ज्वाइन नहीं हुआ. उन्होंने बताया कि सुबह में बारिक मैदान में घूमने के दौरान सड़कों पर फेंकी गयी खाली बोतलों को देख कर इनसे नाव बनाने का आइडिया आया. इसके बाद सड़कों के किनारे फेंकी पानी की बोतलों को इकट्ठा किया और नाव बनाया. विश्वजीत बताते हैं कि इस नाव को बनाने का मुख्य उद्देश्य सड़कों की सफाई है, जिसकी प्रेरणा मुझे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत मिशन के बाद मिली. इस नाव की खासियत यह है की यह लकड़ी की नाव की तरह तैरती तो है, लेकिन डूब नहीं सकती है.
इसके चलते बाढ़ में फंसे हुए लोगों को बचाया जा सकता है. साथ ही साथ गंगा के निर्मलीकरण में भी यह नाव मुख्य भूमिका निभा सकती है. विश्वजीत ने बताया कि नाव बनाने में मेरे छोटे भाई नीतीश कुमार व दोस्त पीयूष कुमार वर्मा ने भी सहयोग किया है.

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