उच्च शिक्षा के लिए एक चौथाई लड़कियां ही ले रहीं लोन

पटना : राज्य में गरीब छात्रों को उच्च शिक्षा मुहैया कराने के लिए स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना (एससीसी) शुरू की गयी है. परंतु इसमें छात्राओं की संख्या छात्रों के तुलना में करीब एक चौथाई है. यह बेहद चिंताजनक स्थिति है. इससे स्पष्ट रूप से यह पता चलता है कि उच्च शिक्षा पाने में लड़कियों की […]

पटना : राज्य में गरीब छात्रों को उच्च शिक्षा मुहैया कराने के लिए स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना (एससीसी) शुरू की गयी है. परंतु इसमें छात्राओं की संख्या छात्रों के तुलना में करीब एक चौथाई है. यह बेहद चिंताजनक स्थिति है. इससे स्पष्ट रूप से यह पता चलता है कि उच्च शिक्षा पाने में लड़कियों की मौजूदगी अभी भी काफी कम है.

जबकि, नीचले क्लास में लड़कियों की संख्या अच्छी-खासी रहती है. मैट्रिक और इंटर में छात्र और छात्राओं की संख्या में इतना बड़ा अंतर नहीं होता है, जितना उच्च के ये आंकड़े बता रहे हैं. एससीसी के तहत अब तक चार हजार 720 छात्रों को लोन दिया जा चुका है, जिसमें तीन हजार 747 छात्र और महज 972 छात्राएं शामिल हैं. इसके अलावा महज एक ट्रांसजेंडर को इसका लाभ दिया गया है. इन छात्रों के बीच 128 करोड़ 14 लाख रुपये से ज्यादा के लोन दिये जा चुके हैं.
बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत
बिहार राज्य वित्त शिक्षा निगम ने डेढ़ महीने में 4720 को दिया लोन
प्रत्येक छात्र को मिलता है चार लाख रुपये का लोन
छात्रों के बीच बांटे गये 128 करोड़ के लोन
इनमें 3747 छात्र, 972 छात्राएं और एक ट्रांसजेंडर भी हैं शामिल
इस योजना के तहत उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्रत्येक छात्र को चार लाख रुपये का लोन महज चार फीसदी के सरल ब्याज दर पर राज्य सरकार की तरफ से मुहैया कराया जाता है. इसमें महिलाओं, विकलांग और ट्रांसजेंडर को महज एक फीसदी ब्याज दर लगता है. अगर कोई छात्र लोन लौटाने में सक्षम नहीं है, तो उसे यह माफ भी कर दिया जायेगा. इसकी घोषणा मुख्यमंत्री कर चुके हैं. इसके बावजूद लड़कियों की संख्या इसमें बहुत ज्यादा नहीं है. सबसे ज्यादा संख्या में पटना जिले में 364 छात्र और छात्राओं को लोन दिया गया है
इसके बाद समस्तीपुर में 238, गया में 218, पूर्वी चंपारण में 212, मुजफ्फरपुर में 199, कटिहार एवं दरभंगा में 188, नालंदा में 177, मधुबनी में 173, सीवान में 172, सीतामढ़ी में 161 समेत अन्य जिले शामिल हैं. सबसे कम लोन बक्सर एवं शिवहर में 34, लखीसराय में 38, शेखपुर में 42, जहानाबाद एवं मुंगेर में 46, नवादा में 47 समेत अन्य शामिल हैं. हालांकि अधिकांश जिलों में लोन देने का यह आंकड़ा सैकड़ा में शामिल है, लेकिन सभी जिलों में लड़कियों की संख्या लड़कों से काफी कम ही है. कुछ जिलों में यह संख्या बेहद कम है.

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