Patna News : पटना को देश के सबसे स्वच्छ शहरों की कतार में खड़ा करने के लिए नगर निगम ने एक बेहद अनोखी और प्रभावी पहल शुरू की है. ‘नगर शत्रु’ (गंदगी फैलाने वाले) को चिह्नित कर उनकी तस्वीरें सार्वजनिक करने के बाद, अब निगम शहर के असली हीरो यानी ‘नगर मित्र’ की तलाश में है.
अगर आप अपने मोहल्ले की सफाई को लेकर जागरूक हैं, तो तैयार हो जाइए, क्योंकि अब आपके पास न केवल अपने इलाके को चमकाने का मौका है, बल्कि पूरे शहर के सामने एक रोल मॉडल बनने का भी अवसर है.
कौन होंगे नगर मित्र और क्या होगी उनकी जिम्मेदारी?
पटना नगर निगम प्रत्येक वार्ड से एक ‘नगर मित्र’ का चयन करने जा रहा है. ये कोई सरकारी कर्मचारी नहीं, बल्कि आपके ही बीच के जागरूक नागरिक होंगे. नगर मित्र की मुख्य जिम्मेदारी अपने घर के आसपास की सड़क, गली और सार्वजनिक स्थलों की निगरानी करना होगा.
वे यह सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी व्यक्ति सड़क, नाली या खुले स्थानों पर कचरा न फेंके. इसके अलावा, वे लोगों को गीला और सूखा कचरा अलग करने, डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन में सहयोग करने और प्लास्टिक का उपयोग कम करने के लिए प्रेरित करेंगे.
‘नगर शत्रु’ के बाद अब ‘नगर मित्र’
पटना नगर निगम ने पहले ही गंदगी फैलाने वाले लगभग 2000 ‘नगर शत्रुओं’ को चिह्नित किया है, जिनकी तस्वीरें शहर के बड़े डिस्प्ले (VMD) पर दिखाई गई थीं. अब ठीक उसी तर्ज पर, स्वच्छता के प्रति समर्पित ‘नगर मित्रों’ का सम्मान किया जाएगा. चयन के बाद इन नगर मित्रों की तस्वीर भी स्मार्ट सिटी के बड़े वीएमडी स्क्रीन्स पर गर्व के साथ प्रसारित की जाएगी. इससे न केवल उनकी पहचान बनेगी, बल्कि समाज में स्वच्छता के प्रति एक सकारात्मक संदेश भी जाएगा.
कैसे होगा चयन?
नगर मित्र बनने की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रखी गई है. इनका चयन सफाई इंस्पेक्टर और सिटी मैनेजर की सीधी निगरानी में होगा. चयन के दौरान केवल उम्मीदवार की इच्छा ही नहीं, बल्कि उनके पड़ोसियों से भी फीडबैक लिया जाएगा.
यह देखा जाएगा कि क्या वह व्यक्ति वास्तव में जिम्मेदार और स्वच्छता के प्रति संवेदनशील है. नूतन राजधानी अंचल, बांकीपुर और कंकड़बाग जैसे इलाकों में जहाँ नगर शत्रुओं की संख्या अधिक है, वहाँ नगर मित्रों की भूमिका और भी चुनौतीपूर्ण और महत्वपूर्ण होने वाली है.
सफाई की समस्या का होगा ‘क्विक’ समाधान
नगर मित्र केवल निगरानी ही नहीं करेंगे, बल्कि वे जनता और निगम के बीच एक मजबूत कड़ी का काम करेंगे. मोहल्ले में सफाई से जुड़ी कोई भी समस्या होने पर वे तुरंत नगर निगम को इसकी जानकारी देंगे, ताकि उस पर त्वरित कार्रवाई की जा सके. इस पहल से न केवल पटना की रैंकिंग स्वच्छ सर्वेक्षण में सुधरेगी, बल्कि हर नागरिक में अपने शहर को साफ रखने की जिम्मेदारी का अहसास भी जागेगा.
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