Bharat Tiwari Encounter: भोजपुर जिले के भरत तिवारी एनकाउंटर मामले ने अब एक नया और बड़ा मोड़ ले लिया है. इस घटना से जुड़े कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं, जिसके बाद पुलिस की इस कार्रवाई की सच्चाई और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं. जदयू सांसद संजय झा ने कहा है कि जो वीडियो सामने आया है, वह पुलिसिया कार्रवाई पर संदेह पैदा करता है.
संजय झा ने कहा कि हालांकि राज्य सरकार ने तुरंत एक्शन लेते हुए चार पुलिसवालों को सस्पेंड कर दिया है, लेकिन सिर्फ इतना ही काफी नहीं है. संजय झा ने मांग की है कि बड़े पुलिस अफसरों की देखरेख में इस पूरे मामले की समय पर और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि सरकार का नियम कि ‘कोई अपराधी नहीं बचेगा’, कानून का उल्लंघन करने वाले पुलिसकर्मियों पर भी बराबर लागू होना चाहिए.
पप्पू यादव ने की शहीद भगत सिंह से तुलना
पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने इस एनकाउंटर को लेकर बिहार सरकार और पुलिस प्रशासन पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने मृत युवक भरत तिवारी की तुलना शहीद-ए-आजम भगत सिंह से कर दी. पप्पू यादव ने कहा कि आज के दौर में जो कोई भी खराब व्यवस्था और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने की कोशिश करता है, उसे इसी तरह दबा दिया जाता है. ऐसी घटनाएं हमारे लोकतंत्र के लिए बहुत ही खतरनाक और बुरा संकेत हैं.
अश्विनी चौबे के बाद पुलिस बैकफुट पर
इससे पहले बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने भी इस एनकाउंटर पर अपनी ही सरकार की पुलिस को कटघरे में खड़ा किया था. उन्होंने सीधे तौर पर सवाल पूछा था कि जब भरत तिवारी ने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया था, तो फिर उसे गोली मारने की क्या जरूरत थी. अब वीडियो सामने आने और चौतरफा दबाव के बाद सरकार पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का दबाव बहुत ज्यादा बढ़ गया है.
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झारखंड की राजनीति में भी गूंजा यह मामला
यह मामला अब सिर्फ बिहार तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि पड़ोसी राज्य झारखंड की राजनीति में भी इसकी गूंज सुनाई देने लगी है. झारखंड की सत्ताधारी पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट लिखकर बिहार की एनडीए सरकार को घेरा है. जेएमएम ने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार और अराजकता के खिलाफ आवाज उठाने के कारण ही भरत तिवारी को भारी पुलिस बल ने चारों तरफ से घेर लिया, जिसके बाद उनकी जान चली गई. जेएमएम ने भी इस पूरे एनकाउंटर की हाई-लेवल और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है.
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