Nawada News : वारिसलीगंज अंचल कार्यालय में नवपदस्थापित अंचल अधिकारी जूली कुमारी के पदभार ग्रहण करने के बाद कार्यालय की कार्यप्रणाली को लेकर लोगों में नाराजगी देखी जा रही है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि अधिकारी की कथित अनियमित उपस्थिति के कारण दाखिल-खारिज, परिमार्जन, नामांतरण, बंटवारा सहित अन्य राजस्व संबंधी कार्य प्रभावित हो रहे हैं. जानकारी के अनुसार, पूर्व अंचल अधिकारी राजेश कुमार के 23 जून को तबादले और 7 जुलाई को विरमित होने के बाद से करीब 1500 से अधिक मामले लंबित हैं. आवेदकों के बढ़ते दबाव के बाद दाखिल-खारिज का कार्य धीरे-धीरे शुरू हुआ है, लेकिन गति अब भी संतोषजनक नहीं है.
आवेदकों ने लगाई नियमित सुनवाई नहीं होने की शिकायत
मकनपुर गांव निवासी इंजीनियर चंद्रदेव, उपेंद्र सिंह सहित अन्य लोगों ने आरोप लगाया कि अंचल अधिकारी नियमित रूप से कार्यालय में नहीं बैठती हैं. फरियादी सुबह से शाम तक कार्यालय का चक्कर लगाते हैं, लेकिन न तो फाइलों का निष्पादन हो रहा है और न ही उनकी सुनवाई हो रही है. इसके कारण किसानों और भूमिहीनों को जमीन की खरीद-बिक्री, ऋण प्रक्रिया तथा अन्य आवश्यक कार्यों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है.
नजारत कार्यालय की कार्यप्रणाली पर भी उठे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि समस्या केवल अंचल कार्यालय तक सीमित नहीं है, बल्कि नजारत कार्यालय की कार्यप्रणाली भी प्रभावित है. आरोप है कि वहां पदस्थापित कर्मी अभिलेख, नकल और प्रमाण पत्र समय पर उपलब्ध नहीं करा रहे हैं. इससे जमीन विवादों के निपटारे और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में लोगों को परेशानी हो रही है. आवेदकों का यह भी आरोप है कि अंचल अधिकारी कार्यालय परिसर स्थित सरकारी आवास में नहीं रहती हैं और नवादा से आवागमन करती हैं. इससे कार्यालय के कर्मियों की कार्यशैली भी प्रभावित हो रही है तथा लोगों को बार-बार कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ रहा है. स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और जिलाधिकारी से अंचल अधिकारी की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित कर लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन कराने की मांग की है.
सीओ ने आरोपों को बताया निराधार
इस संबंध में पूछे जाने पर अंचल अधिकारी जूली कुमारी ने सभी आरोपों को निराधार बताया. उन्होंने कहा कि अंचल कार्यालय का कार्य नियमित और सुचारु रूप से संचालित हो रहा है तथा लोगों द्वारा लगाए जा रहे आरोप बेबुनियाद हैं.
