नवादा: मुख्यमंत्री से मुलाकात के तीन दिन बाद हरकत में आया विभाग, उदयपुर की सड़क का हुआ निरीक्षण

नवादा के उदयपुर गांव में वर्षों से लंबित पक्की सड़क निर्माण की मांग पर अब उम्मीद जगी है. मुख्यमंत्री से मुलाकात के तीन दिन बाद ग्रामीण कार्य विभाग की टीम ने गांव पहुंचकर प्रस्तावित सड़क का निरीक्षण किया, जिससे ग्रामीणों में नई आशा का संचार हुआ है.

Nawada News: नवादा जिले के मेसकौर प्रखंड की बारत पंचायत स्थित उदयपुर गांव में वर्षों से लंबित पक्की सड़क निर्माण की मांग अब पूरी होने की उम्मीद जगी है. मुख्यमंत्री से मुलाकात के महज तीन दिन बाद ग्रामीण कार्य विभाग की टीम शुक्रवार को गांव पहुंची और प्रस्तावित सड़क का स्थल निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने सड़क की वर्तमान स्थिति, संभावित निर्माण मार्ग और तकनीकी पहलुओं का जायजा लिया. ग्रामीणों ने 14 जुलाई को बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात कर उदयपुर गांव तक पक्की सड़क निर्माण की मांग उठाई थी.

बरसात में टूट जाता है गांव का संपर्क

मुख्यमंत्री को दिए गए आवेदन में ग्रामीणों ने बताया था कि आजादी के बाद से अब तक गांव तक पक्की सड़क नहीं बन सकी है, जिससे हजारों ग्रामीणों को परेशानी झेलनी पड़ रही है. उदयपुर गांव में महादलित एवं अतिपिछड़ा समुदाय के लोग बड़ी संख्या में निवास करते हैं. बरसात के दिनों में कच्ची सड़क कीचड़ में तब्दील हो जाती है, जिससे बच्चों का विद्यालय जाना मुश्किल हो जाता है. मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में भी भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. कई बार गर्भवती महिलाओं और गंभीर मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिलने से परेशानी उठानी पड़ी है.

वर्ष 2024 में पूरा हो चुका है सर्वे

ग्रामीण मनीष कुमार ने बताया कि सड़क निर्माण के लिए विभागीय सर्वे वर्ष 2024 में ही पूरा कर लिया गया था, लेकिन प्रशासनिक एवं विभागीय स्वीकृति नहीं मिलने के कारण निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका था. सड़क निर्माण के लिए दो योजनाओं का सर्वे किया गया है:

  1. ग्रामीण सड़क पड़ुई से उदयपुर मुसहरी होते हुए उदयपुर गांव तक (लंबाई: 1.5 किलोमीटर, हैबिटेशन सर्वे आईडी: 84885)
  2. ग्रामीण सड़क पड़ुई से रविदास टोला उदयपुर तक (लंबाई: 1 किलोमीटर, हैबिटेशन सर्वे आईडी: 84936)

निरीक्षण से ग्रामीणों में जगी उम्मीद

मुख्यमंत्री से मुलाकात के तीन दिन बाद ही विभागीय टीम के निरीक्षण के लिए पहुंचने से ग्रामीणों में नई उम्मीद जगी है. लोगों का कहना है कि यदि जल्द विभागीय स्वीकृति मिल जाती है तो वर्षों पुरानी सड़क की समस्या का समाधान हो जाएगा और गांव का आवागमन सुगम हो सकेगा. ग्रामीणों ने सरकार और विभाग से मांग की है कि निरीक्षण के बाद बिना विलंब के प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर निर्माण कार्य शुरू कराया जाए, ताकि आजादी के दशकों बाद उदयपुर गांव को पहली बार पक्की सड़क की सौगात मिल सके.


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लेखक के बारे में

Author: Vishal kumar

Published by: Vikash Jha

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