Nawada News: जिले में अपराध पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने और विधि-व्यवस्था को चाक-चौबंद बनाए रखने के उद्देश्य से शनिवार की देर शाम मासिक अपराध संगोष्ठी (क्राइम मीटिंग) का आयोजन किया गया. पुलिस अधीक्षक (एसपी) अभिनव धीमान की अध्यक्षता में आयोजित इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में जिले भर की पुलिसिंग व्यवस्था, सुरक्षा तंत्र और विभिन्न थानों के कामकाज की बिंदुवार गहन समीक्षा की गई.
लंबित कांडों के निष्पादन और गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान पर जोर
बैठक के दौरान पुलिस अधीक्षक ने सभी थानाध्यक्षों और अनुसंधानकर्ताओं को स्पष्ट निर्देश दिए कि मामलों के निष्पादन में अनावश्यक विलंब कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा:
- समयबद्ध अनुसंधान: सभी गंभीर और लंबित मामलों का अनुसंधान (जांच) निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए गए.
- अपराधियों पर नकेल: पेशेवर और आदतन अपराधियों के विरुद्ध निरोधात्मक कार्रवाई करने तथा उनकी दैनिक गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखने को कहा गया.
- जनशिकायतों का निवारण: थाना स्तर पर आने वाले आम फरियादियों की शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित समाधान सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया.
शराबबंदी कानून का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई का आदेश
बिहार मद्यनिषेध एवं उत्पाद अधिनियम के कड़े अनुपालन को लेकर एसपी ने पुलिस पदाधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने की हिदायत दी. उन्होंने कहा कि जिले के सीमावर्ती और दुर्गम इलाकों में अवैध शराब के निर्माण, भंडारण, ढुलाई और बिक्री में संलिप्त माफियाओं के खिलाफ लगातार छापेमारी अभियान चलाया जाए. इसके साथ ही शराब बरामदगी के साथ-साथ इसमें शामिल मुख्य धंधेबाजों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.
सभी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी और थानाध्यक्ष रहे मौजूद
अपराध गोष्ठी में जिले के सभी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ), पुलिस अंचल निरीक्षक (सर्किल इंस्पेक्टर), थानाध्यक्ष, विभिन्न शाखाओं के प्रभारी और सार्जेंट उपस्थित रहे. एसपी अभिनव धीमान ने सभी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्राधिकार में सक्रिय पुलिसिंग, निरंतर गश्ती और खुफिया तंत्र को सक्रिय कर शांति व्यवस्था बनाए रखने का निर्देश दिया.
Also Read: रजौली में 7 सितंबर को होगा ‘एक शाम शहीदों के नाम’ कार्यक्रम, स्कूली बच्चे देंगे देशभक्ति प्रस्तुति
