Nawada News: बिहार में प्रमुख शनिदेव मंदिरों में से एक नवादा शहर के नारदीगंज रोड (गढ़पर) पर स्थित है. यह मंदिर अपनी गहरी धार्मिक मान्यताओं और चमत्कारों के लिए पूरे क्षेत्र में जाना जाता है, जहां शहर के साथ-साथ आसपास के सभी कोणों से लोग दर्शन और पूजा-अर्चना करने के लिए पहुंचते हैं. बताया जाता है कि इस ऐतिहासिक मंदिर में भगवान शनि देव स्वयंभू काले पत्थर के रूप में विराजमान हैं. हिंदू धर्म में भगवान शनिदेव को न्याय का देवता और सूर्यपुत्र माना जाता है, जो भक्तों को उनके कर्मों के अनुसार फल देते हैं.
परिसर में स्थापित हैं भगवान शिव और हनुमान जी की मूर्तियां
इस पावन मंदिर परिसर में मुख्य रूप से भगवान शनिदेव की पूजा की जाती है. इसके साथ ही परिसर में भगवान शिव और संकटमोचन बजरंगबली (हनुमान जी) की भव्य मूर्तियां भी स्थापित की गई हैं. हिंदू मान्यताओं के अनुसार, भगवान हनुमान की आराधना करने से शनि का प्रकोप शांत होता है और भक्तों के कष्ट दूर होते हैं. मंदिर में प्रत्येक दिन सुबह और शाम को विशेष महा आरती का भव्य आयोजन किया जाता है, जिसमें स्थानीय श्रद्धालु बड़ी संख्या में शामिल होकर पुण्य के भागी बनते हैं.
शनिवार और अमावस्या को जुटते हैं हजारों श्रद्धालु
यूं तो यहाँ प्रतिदिन भक्त आते हैं, लेकिन मंगलवार और शनिवार को मंदिर में श्रद्धालुओं की अपार भीड़ उमड़ पड़ती है. माना जाता है कि सामान्य शनिवार को लगभग 3000 से 5000 श्रद्धालु मंदिर में एकत्रित होते हैं, वहीं अमावस्या के दिन यह संख्या हजारों में पहुंच जाती है. भक्तगण शनि देव के प्रकोप व साढ़ेसाती से बचने के लिए और उनकी असीम कृपा-आशीर्वाद अपने परिवार पर बनाए रखने के लिए यहाँ विशेष जतन, तेल-तिल का दान, पूजा और अनुष्ठान करते हैं.
