रजौली नगर पंचायत कार्यालय इन दिनों प्रशासनिक लापरवाही और कर्मचारियों की मनमानी का अड्डा बन चुका है. सरकारी योजनाओं और नागरिक सुविधाओं का लाभ लेने के लिए आने वाली आम जनता को रोजाना दफ्तर के बाहर लटके ताले देखकर मायूस होकर लौटना पड़ रहा है. निर्धारित समय बीत जाने के बावजूद सुबह 10:30 से 11:00 बजे तक मुख्य द्वार पर ताला जड़ा रहता है. दूर-दराज से पहुंचने वाले लोग घंटों बाहर इंतजार करने को मजबूर हैं.
दफ्तर में केवल नगर स्वच्छता पदाधिकारी को छोड़कर कोई भी कर्मी या पदाधिकारी समय पर उपस्थित नहीं थे. देरी से पहुंचने वाले कर्मचारी हाजिरी बनाकर तुरंत कार्यालय से नदारद हो जाते हैं, जिससे मुख्य कार्यालय में सन्नाटा पसरा रहता है. कर्मचारियों की इस बेरुखी के कारण जन्म प्रमाण पत्र, आवासीय कागजात और साफ-सफाई से जुड़ी समस्याओं के निष्पादन के लिए आए लोग बेहद परेशान हैं.
स्थानीय निवासी बब्लू कुमार और दीपक कुमार ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि वे बीते कई दिनों से बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अधिकारी नदारद मिलते हैं. इस ढर्रे से तंग आकर ग्रामीणों ने बायोमेट्रिक उपस्थिति की कड़ाई से मॉनिटरिंग करने तथा गैर-हाजिर कर्मियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है. सुधार नहीं होने पर ग्रामीणों ने उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दी है.
इस पूरी लचर व्यवस्था और जनसमस्याओं को लेकर जब नगर पंचायत पदाधिकारी आतीश कुमार से दूरभाष पर सीधी बातचीत की गई, तो उन्होंने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि वे सुबह से महत्वपूर्ण बैठक में व्यस्त थे, जिस कारण कार्यालय में मौजूद नहीं रह सके.
कर्मचारियों के हाजिरी लगाकर गायब होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि कार्यालय में बायोमेट्रिक सिस्टम लगा हुआ है, जिसके आधार पर ऑनलाइन बिहार सरकार के पोर्टल से वेतन भुगतान होता है. हालांकि, कर्मियों के हाजिरी लगाकर बाहर जाने और सीटें खाली रहने की शिकायत पर उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए नगर स्वच्छता पदाधिकारी राहुल कुमार से इसकी जांच कराने और सीसीटीवी फुटेज खंगालने का आश्वासन दिया है. उन्होंने कहा कि जांच के आधार पर सत्यता का पता लगाकर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे.
