Nawada News: रजौली की शिक्षा व्यवस्था में रविवार को एक नया अध्याय जुड़ गया. बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत रजौली इंटर विद्यालय परिसर में संचालित सरस्वती विद्या निकेतन आदर्श विद्यालय का भव्य शुभारंभ मुख्यमंत्री द्वारा ऑनलाइन माध्यम से किया गया. विद्यालय परिसर में लगी विशाल स्क्रीन पर पूरे कार्यक्रम का सीधा प्रसारण देखा गया. इस ऐतिहासिक पल के गवाह बने रजौली विधायक विमल राजवंशी, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी राकेश कुमार, प्रधानाचार्य आशुतोष प्रधान सहित दर्जनों शिक्षक, छात्र और गणमान्य लोग.
अब गांव के बच्चों को भी शहर जैसी सुविधा सरकार ने इस मॉडल स्कूल को "आदर्श" नाम देने के पीछे का उद्देश्य स्पष्ट किया है. अब रजौली के ग्रामीण बच्चों को भी आधुनिक संसाधनों के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी. मॉडल स्कूल में छात्रों के लिए स्वच्छ पेयजल, निर्बाध विद्युत आपूर्ति, आधुनिक शौचालय, गुणवत्तापूर्ण फर्नीचर, सुव्यवस्थित कार्यालय, सुरक्षा व्यवस्था, अग्निशमन उपकरण, कंप्यूटर लैब और हाई-स्पीड इंटरनेट की व्यवस्था की गई है. इन सुविधाओं का उद्देश्य विद्यार्थियों को 21वीं सदी की जरूरतों के अनुरूप तैयार करना है.
ग्रामीण बच्चों को भी मिलेगा बराबर मौका शुभारंभ के मौके पर विधायक विमल राजवंशी ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए संकल्पित है. मॉडल स्कूल के माध्यम से अब ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को भी वही गुणवत्ता और संसाधन मिलेंगे जो बड़े शहरों के विद्यालयों में उपलब्ध हैं. उन्होंने इसे रजौली के लिए गौरव का क्षण बताते हुए कहा कि इस पहल से क्षेत्र के बच्चों का भविष्य उज्ज्वल होगा. प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी राकेश कुमार और प्रधानाचार्य आशुतोष प्रधान ने कहा कि कंप्यूटर लैब और इंटरनेट की सुविधा से बच्चे डिजिटल युग में प्रतिस्पर्धा के लिए बेहतर तरीके से तैयार होंगे. कार्यक्रम में लाइब्रेरियन संजीव रंजन, पूर्व प्रधानाचार्य बालकृष्ण प्रसाद यादव सहित विद्यालय के सभी शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मी मौजूद रहे. मुख्यमंत्री के उद्घाटन के साथ ही नए शैक्षणिक सत्र के लिए मॉडल स्कूल की गतिविधियां भी शुरू हो गईं.
लोगों ने बताया ऐतिहासिक कदम कार्यक्रम के अंत में सभी ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया और विद्यालय को सफलतापूर्वक संचालित करने का संकल्प लिया. स्थानीय अभिभावकों ने इसे "रजौली की शिक्षा के लिए मील का पत्थर" बताया. उनका कहना है कि अब उनके बच्चों को बेहतर शिक्षा और भविष्य के लिए शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा. सरस्वती विद्या निकेतन अब केवल एक विद्यालय नहीं, बल्कि रजौली के हजारों बच्चों के सपनों को नई उड़ान देने वाला संस्थान बन गया है.
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