नवादा से कुमार मनीष देव की रिपोर्ट
Nawada News : रजौली थाना क्षेत्र के अंतर्गत धमनी पंचायत स्थित सबलपुर चोरनु गांव में शनिवार की शाम उस वक्त सनसनी फैल गई, जब एक युवती से लगातार हो रही छेड़छाड़ का विरोध करने पर दबंगों ने उसके माता-पिता पर जानलेवा हमला कर दिया. शनिवार की देर शाम हुई इस खूनी झड़प में युवती के माता-पिता लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़े. घटना के बाद आसपास के ग्रामीणों और परिजनों के सहयोग से दोनों गंभीर रूप से घायल पीड़ितों को आनन-फानन में इलाज के लिए अनुमंडलीय अस्पताल रजौली में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है. अस्पताल में मुस्तैद ड्यूटी चिकित्सक डॉ. सतीश चंद्र सिन्हा ने घायलों की स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल उनका प्राथमिक उपचार शुरू किया.
हमले में पति-पत्नी गंभीर घायल, डॉक्टरों ने बताया हालत नाजुक
चिकित्सक ने बताया कि घायलों की पहचान सबलपुर चोरनु गांव के निवासी रामस्वरूप राजवंशी के पुत्र रंजीत राजवंशी और उनकी पत्नी शानो देवी के रूप में की गई है. उन्होंने बताया कि रंजीत राजवंशी को जब अस्पताल लाया गया था, तब उनके सिर से अत्यधिक खून बह रहा था, जिसके चलते उनके सिर में आठ टांके लगाने पड़े हैं. वहीं उनकी पत्नी शानो देवी के चेहरे और शरीर के अन्य संवेदनशील हिस्सों पर लाठी-डंडों की गंभीर चोटें आई. चिकित्सक के द्वारा घायल रंजीत राजवंशी कि स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज हेतु सदर अस्पताल नवादा रेफर कर दिया गया है.
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रास्ते में बेटे पर हमला, शिकायत करने पहुंचे पिता पर बरसी लाठियां
अस्पताल के बेड पर जिंदगी और मौत से जूझ रहे घायल रंजीत राजवंशी ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि शनिवार को स्कूल की छुट्टियां खत्म होने के बाद उनका 16 वर्षीय पुत्र लवकुश कुमार अपनी मोटरसाइकिल से रजौली स्थित एक निजी स्कूल के हॉस्टल के लिए निकला था. इसी दौरान रास्ते में घात लगाकर बैठे पड़ोसी शंकर राजवंशी के पुत्र चंदन कुमार ने अचानक उस पर बांस के डंडे से जोरदार हमला कर दिया. बेटे के साथ हुई इस बदसलूकी और मारपीट की शिकायत लेकर जब वे अपनी पत्नी के साथ पड़ोसी शंकर राजवंशी के घर केवल समझाने-बुझाने के उद्देश्य से गए थे, तभी वहां मौजूद लोगों ने उन पर हमला बोल दिया.
पीड़ित का आरोप- मदद के लिए पुलिस को फोन किया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका
पीड़ित पिता के अनुसार, बात करने के दौरान ही अचानक मंगर राजवंशी के पुत्र राजो राजवंशी, शंकर राजवंशी के बेटे चंदन कुमार व मिट्ठू राजवंशी, पुत्री निभा कुमारी, शिवा राजवंशी की पत्नी शोभा देवी, मुकेश राजवंशी की पत्नी शर्मिला देवी और सूरज राजवंशी की पत्नी नीलम देवी ने एक राय होकर गाली-गलौज शुरू कर दी. इससे पहले कि वे कुछ समझ पाते, इन सभी लोगों ने पहले से तैयार लाठी-डंडे और लोहे की रॉड से उन दोनों पति-पत्नी पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया. अचानक हुए इस अप्रत्याशित हमले में दोनों पति-पत्नी बुरी तरह घायल होकर वहीं गिर पड़े. पीड़ितों ने बताया कि इस दौरान उन्होंने मदद के लिए डायल 112 की पुलिस टीम को भी फोन करने की कोशिश की, लेकिन तकनीकी खराबी या नेटवर्क की वजह से उनसे संपर्क स्थापित नहीं हो सका.
तीन महीने पहले भी घर में घुसकर किया था हमला
अस्पताल में दर्द से कराह रही पीड़ित महिला शानो देवी ने रोते हुए अपने पड़ोसियों के काले कारनामों का खुलासा किया. उन्होंने बताया कि उनकी दो बेटियां हैं, जिन पर उनके पड़ोस के ही कुछ मनचले और दबंग युवकों की काफी समय से बुरी और गंदी नजर है.बेटियां जब भी घर से बाहर निकलती हैं, तो उनके साथ छेड़छाड़ और फब्तियां कसी जाती हैं. महिला ने रोते हुए बताया कि यह कोई पहली घटना नहीं है, बल्कि बीते तीन महीने पहले भी आरोपी रात के लगभग 12 बजे उनके घर का दरवाजा तोड़कर अंदर घुस आए थे और उनकी बेटी व दामाद के साथ बेरहमी से मारपीट की थी.
गांव छोड़ने की धमकी, दहशत में जी रहा पीड़ित परिवार
पीड़िता ने रुंधे गले से कहा कि इस बदचलनी और छेड़छाड़ के विवाद को लेकर अब तक दोनों पक्षों के बीच चार बार हिंसक मारपीट हो चुकी है. हर बार आरोपी पक्ष उनके परिवार को जान से मारने और गांव से खदेड़ने की धमकी देता है. शनिवार की घटना के बाद लहूलुहान हालत में न्याय की आस लिए पीड़ित परिवार रजौली थाने भी पहुंचा था, जहां मौजूद पुलिस पदाधिकारियों ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए पहले अस्पताल जाकर समुचित इलाज कराने और उसके बाद लिखित आवेदन देने की सलाह दी, जिसके बाद परिजन उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे.
घटना की पुष्टि, पुलिस ने कहा- किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा
इस पूरे संवेदनशील और गंभीर मामले को लेकर जब रजौली के थानाध्यक्ष सह इंस्पेक्टर रणजीत कुमार से बात की गई, तो उन्होंने घटना की पुष्टि की. थानाध्यक्ष ने साफ तौर पर कहा कि पुलिस कानून व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह गंभीर है. उन्होंने बताया कि पीड़ित परिवार को पहले इलाज कराने की सलाह दी गई थी ताकि उनकी स्थिति सामान्य हो सके. थानाध्यक्ष ने भरोसा दिलाया कि जैसे ही पीड़ित पक्ष की ओर से पुलिस को लिखित आवेदन प्राप्त होता है, वैसे ही मामले में नामजद सभी आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा.
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