Nawada News(कुमार मनीष देव): नवादा जिले के रजौली प्रखंड मुख्यालय में शुक्रवार सुबह से शुरू हुई झमाझम बारिश ने जहां एक ओर मौसम को सुहाना बनाया है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय बुनियादी व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है. बारिश के कारण रजौली बाईपास के समीप स्थित अस्थाई सिरदला-फतेहपुर-गयाजी बस स्टैंड पूरी तरह जलमग्न हो गया है. पूरा बस स्टैंड परिसर इस समय तालाब में तब्दील हो चुका है, जिससे मोटरसाइकिल सवारों, राहगीरों और अन्य वाहन चालकों को आवागमन में भारी फजीहत उठानी पड़ रही है. जलजमाव के चलते सड़क किनारे स्थित दुकानों में सन्नाटा पसरा है और स्थानीय दुकानदार मंदी की दोहरी मार झेलने को मजबूर हैं.
100 मीटर की सर्विस लेन बनी मुसीबत, NHAI की चूक का खामियाजा भुगत रहे लोग
स्थानीय स्तर पर छानबीन करने पर सामने आया कि इस गंभीर जलजमाव का मुख्य कारण एनएच-20 (NH-20) की नालियों का वैज्ञानिक और सही तरीके से निर्माण न होना है. सिरदला बस स्टैंड के पास करीब 100 मीटर के हिस्से में एनएच-20 के मुख्य मार्ग को सर्विस लेन से कनेक्ट करने में निर्माण कंपनी और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा भारी लापरवाही बरती गई है. इसी तकनीकी चूक का नतीजा है कि हर छोटी-बड़ी बारिश के बाद हाईवे और आसपास का सारा पानी इस ढलान वाले हिस्से में आकर जमा हो जाता है और हफ्तों तक नहीं निकलता.
4 वर्षों से अधिकारी मौन, नगर पंचायत ने भी मोड़ा मुंह
घंटों पानी में डूबे रहने को मजबूर स्थानीय दुकानदार सुधीर यादव, मुन्ना कुमार समेत दर्जनों ग्रामीणों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए बताया कि वे लोग बीते चार वर्षों से हर बरसात में जलजमाव की यही नारकीय समस्या झेल रहे हैं. दुकानदारों ने बताया कि इस बार मानसून और बरसात की शुरुआत से पहले ही स्थानीय प्रशासनिक पदाधिकारियों से मिलकर लिखित गुहार लगाई गई थी. लेकिन अफसोस की बात है कि न तो एनएच-20 के प्रबंधन ने इस पर कोई सुधारात्मक कदम उठाया और न ही नवनिर्वाचित नगर पंचायत प्रशासन ने इसकी सुध ली.
निदान की उम्मीद धुंधली, यात्रियों को हो रही भारी दिक्कत
वर्तमान स्थिति को देखकर रजौली बाईपास स्थित सिरदला रोड में जलजमाव की समस्या का स्थायी निदान कब तक होगा, यह पूरी तरह से भविष्य के गर्त में नजर आ रहा है. हर साल होने वाले इस जलजमाव से न केवल स्थानीय व्यापार ठप होता है, बल्कि दूर-दराज से आने वाले यात्रियों को घुटने भर गंदे पानी से होकर बसों में सवार होना पड़ता है. स्थानीय आक्रोशित नागरिकों ने जिला प्रशासन और एनएचएआई के वरीय अधिकारियों से इस जलजमाव का जल्द से जल्द कोई स्थायी और ठोस समाधान निकालने की पुरजोर मांग की है.
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