Nawada News (विश्वनाथ कुमार): नवादा जिले के पकरीबरावां प्रखंड अंतर्गत महंत रामधन पूरी इंटर विद्यालय, बुधौली में शनिवार, 30 मई को मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम के तहत ‘सुरक्षित शनिवार’ का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया. इस विशेष अवसर पर विद्यालय के नोडल शिक्षक डॉ. रंजन आर्य ने बिहार सरकार द्वारा निर्धारित वार्षिक गतिविधि सारणी के अनुसार मुख्य विषय ‘स्वच्छता’ पर छात्र-छात्राओं को बेहद महत्वपूर्ण व व्यावहारिक जानकारियां दीं.
महीने के पांचवें शनिवार का विशेष नियम, बच्चों को बताई गई सात तरह की स्वच्छता
कार्यक्रम के दौरान बच्चों को संबोधित करते हुए नोडल शिक्षक डॉ. रंजन आर्य ने बताया कि शिक्षा विभाग के नियमानुसार, किसी भी कैलेंडर माह में जब पांचवां शनिवार पड़ता है, तो सुरक्षित शनिवार योजना के अंतर्गत विशेष रूप से स्वच्छता से संबंधित विषयों पर बच्चों को केंद्रित कर जागरूक किया जाता है.
सत्र के दौरान डॉ. आर्य ने मुख्य रूप से सात बिंदुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला, जिनमें:
- छात्र-छात्राओं की व्यक्तिगत स्वच्छता
- किशोरियों के लिए माहवारी स्वच्छता
- अपने घर, पास-पड़ोस एवं परिवेश की स्वच्छता
- स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल का उपयोग
- भोजन करने से पहले और बाद में हाथ धोने का सही तरीका
- घरेलू एवं विद्यालयी शौचालय की नियमित स्वच्छता
- रसोईघर की सफाई और बर्तनों की स्वच्छता शामिल हैं.
स्वच्छता ही स्वस्थ जीवन की आधारशिला, बीमारियों से बचाव का एकमात्र उपाय
डॉ. रंजन आर्य ने छात्र-छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि स्वच्छता ही हमारे स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की असली आधारशिला है. यदि बच्चे अपने दैनिक जीवन में साफ-सफाई की आदतों को पूरी ईमानदारी से अपनाएं, तो दूषित पानी और गंदगी से फैलने वाली अनेक संक्रामक बीमारियों से आसानी से बचा जा सकता है. उन्होंने सभी बच्चों को नियमित रूप से साबुन से हाथ धोने, केवल साफ व ढका हुआ पानी पीने तथा अपने घर के साथ-साथ विद्यालय परिसर को भी कूड़ा-कचरा मुक्त रखने का संकल्प दिलाया.
गर्मी की छुट्टियों से पहले शिक्षकों ने दिया समर वेकेशन का गृहकार्य
इस जागरूकता कार्यक्रम में विद्यालय के अन्य सहायक शिक्षकों ने भी बारी-बारी से बच्चों को स्वच्छता के सामाजिक और व्यक्तिगत महत्व से अवगत कराया. वहीं दूसरी ओर, जून महीने से शुरू हो रही गर्मी की छुट्टियों (समर वेकेशन) को ध्यान में रखते हुए विद्यालय के सभी विषयवार शिक्षकों ने विद्यार्थियों को अपनी डायरी में गृहकार्य (होमवर्क) भी नोट कराया.
शिक्षकों ने बच्चों को हिदायत दी कि वे छुट्टियों का आनंद लेने के साथ-साथ रोजाना अपने गृहकार्य को पूरा करें, ताकि लंबी छुट्टी के दौरान भी उनकी पढ़ाई और सीखने की प्रक्रिया निरंतर जारी रह सके. इस पूरे आयोजन का मुख्य उद्देश्य बच्चों में स्वच्छता के प्रति समझ बढ़ाना तथा उन्हें एक स्वस्थ, सुरक्षित और अनुशासित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था.
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