नवादा से विश्वनाथ कुमार की रिपोर्ट
Nawada News : पकरीबरावां प्रखंड के डुमरावां गांव में जलजमाव की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है. गांव के विभिन्न हिस्सों में पानी जमा रहने से लोगों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है. विशेष रूप से प्राथमिक विद्यालय डुमरावां के आसपास जलभराव की स्थिति बनी रहने से छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं अभिभावकों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. विद्यालय आने-जाने वाले बच्चों को कीचड़ और जमा पानी से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है. ग्रामीणों का कहना है कि गांव में अधिकांश स्थानों पर नाली का निर्माण नहीं होने के कारण बरसात का पानी और घरों से निकलने वाला गंदा पानी सड़कों एवं खाली जगहों पर जमा हो जाता है.
गांव में नहीं है स्थायी जल निकासी व्यवस्था
जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं रहने से हल्की बारिश के बाद भी कई दिनों तक पानी नहीं निकल पाता. परिणामस्वरूप गांव की कई गलियां जलमग्न रहती हैं और लोगों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. बुजुर्गों, महिलाओं तथा स्कूली बच्चों की मुश्किलें सबसे अधिक बढ़ गई हैं. डुमरावां गांव के सतेंद्र सिंह उर्फ मोटो मास्टर, राजेश कुमार, कौशल किशोर, उमाशंकर सिंह, आदित्य सिंह और कारू सिंह सहित कई ग्रामीणों ने बताया कि नाली नहीं रहने के कारण यह समस्या हर हमेशा बनी होती है, गांव में जल निकासी का कोई स्थायी प्रबंध नहीं होने से पानी जमा रहता है. इससे न केवल आवागमन बाधित होता है, बल्कि आसपास गंदगी भी फैलती है.
बार-बार शिकायत के बावजूद नहीं हुआ समाधान
ग्रामीणों ने बताया कि जलजमाव के कारण मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ गया है, जिससे डेंगू, मलेरिया एवं अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा बना हुआ है. कई स्थानों पर जमा पानी से दुर्गंध फैल रही है, जिससे लोगों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का भी सामना करना पड़ रहा है. शाम होते ही मच्छरों की संख्या बढ़ जाने से ग्रामीणों का घरों में रहना भी मुश्किल हो जाता है. ग्रामीणों के अनुसार इस समस्या की जानकारी कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों को दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है. लोगों का कहना है कि सभी दिन यथावत रहती है. फिर भी स्थायी समाधान की दिशा में कोई पहल नहीं की जाती है. ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि गांव का सर्वेक्षण कर शीघ्र नाली निर्माण कराया जाए तथा जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए. साथ ही जहां नाले अवरुद्ध हैं, उनकी सफाई कर पानी के बहाव को सुचारु बनाया जाए. ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते आवश्यक कार्रवाई नहीं की गई तो मानसून के दौरान स्थिति और भी गंभीर हो सकती है. उन्होंने चेतावनी दी कि समस्या का समाधान नहीं होने पर वे सामूहिक रूप से आंदोलन करेंगे.
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