Nawada News (दशरथ मिस्त्री): वेदमूर्ति परम पूज्य पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य द्वारा प्रज्ज्वलित पावन अखंड दीप की प्रेरणा से संचालित ‘अखंड ज्योति’ एवं ‘युग निर्माण विचार क्रांति अभियान’ के शताब्दी वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में शनिवार, 30 मई को एक बड़ा धार्मिक व सामाजिक समागम देखने को मिला. कौआकोल प्रखंड मुख्यालय स्थित गायत्री ज्ञान मंदिर परिसर में इस ऐतिहासिक अवसर पर एक विशेष विचार क्रांति गोष्ठी का भव्य आयोजन किया गया. इस आध्यात्मिक कार्यक्रम में विचार क्रांति के संदेश को आत्मसात करने के लिए स्थानीय ग्रामीण पुरुषों और महिलाओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा.
पत्रिकाओं और साहित्य ने समाज में फूंकी सकारात्मक ऊर्जा: शांतिकुंज प्रतिनिधि
गोष्ठी को मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए शांतिकुंज, हरिद्वार से पहुंचे विशेष प्रतिनिधि अशोक पांडे एवं तपेश्वर शांडिल्य ने अखंड ज्योति, युग निर्माण योजना, युग निर्माण पत्रिका तथा अन्य पाक्षिक पत्रिकाओं के माध्यम से समाज में आए क्रांतिकारी और सकारात्मक परिवर्तनों पर विस्तार से प्रकाश डाला.
वक्ताओं ने कहा कि इन आध्यात्मिक और विचारोत्तेजक पत्रिकाओं ने भटके हुए समाज को सही दिशा दिखाने तथा विचार क्रांति के पावन संदेश को जन-जन के अंतर्मन तक पहुंचाने में एक मील का पत्थर साबित होने वाली भूमिका निभाई है. इस साहित्य ने जनमानस को “हम बदलेंगे, युग बदलेगा” तथा “सच्चा ज्ञान ही जीवन का आधार है” के संकल्प को धरातल पर साकार करने की दिशा में निरंतर प्रेरित किया है.
मनुष्य में देवत्व का उदय और धरती पर स्वर्ग का अवतरण ही 21वीं सदी का लक्ष्य
शांतिकुंज के प्रबुद्ध वक्ताओं ने उपस्थित गायत्री परिवार के परिजनों और श्रद्धालुओं को गुरुमंत्र देते हुए कहा कि मनुष्य में देवत्व का विकास करना तथा पृथ्वी पर स्वर्ग की स्थापना की संकल्पना को साकार करना ही 21वीं सदी के उज्ज्वल भविष्य की असली आधारशिला है. उन्होंने उपस्थित सभी लोगों से व्यसनों और कुरीतियों से दूर रहते हुए नियमित रूप से ऋषि साहित्यों का अध्ययन करने तथा उसे अपने व्यावहारिक जीवन में उतारने का पुरजोर आह्वान किया.
कार्यकर्ताओं ने साझा किए जीवन बदलने के अनुभव, ग्राम निर्माण मण्डल के प्रधान मंत्री भी रहे मौजूद
कार्यक्रम के दूसरे सत्र में उपस्थित गायत्री परिवार के सक्रिय कार्यकर्ताओं, स्वयंसेवकों एवं उनके परिजनों ने इन पत्रिकाओं और गुरुदेव के विचारों के अध्ययन से उनके व्यक्तिगत व पारिवारिक जीवन में आए चमत्कारी एवं सकारात्मक बदलावों के जीवंत अनुभव एक-दूसरे के साथ साझा किए. इस दौरान पूरा परिसर ‘गायत्री मंत्र’ और ‘महाकाल’ के जयघोष से गुंजायमान रहा.
इस गरिमामयी कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सर्वोदय आंदोलन और लोकनायक जयप्रकाश नारायण आश्रम से जुड़े ‘ग्राम निर्माण मण्डल’ के प्रधान मंत्री अरविंद कुमार सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे. उन्होंने अपने संबोधन में इस विचार क्रांति अभियान को राष्ट्र और समाज निर्माण की दिशा में एक बेहद महत्वपूर्ण और सामयिक पहल बताते हुए इसके व्यापक सामाजिक प्रचार-प्रसार की आवश्यकता पर बल दिया. कार्यक्रम को सफल बनाने में स्थानीय गायत्री चेतना केंद्र के प्रबंधकों और कार्यकर्ताओं ने सक्रिय भूमिका निभाई.
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