Nawada News (दशरथ मिस्त्री): आम लोगों की समस्याओं के त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी समाधान के उद्देश्य से शनिवार, 30 मई को कौआकोल अंचल कार्यालय परिसर में साप्ताहिक जनता दरबार का आयोजन किया गया. इस जनता दरबार में मुख्य रूप से भूमि विवाद और अन्य गंभीर राजस्व संबंधी मामलों की गहन सुनवाई की गई. इस दौरान विभिन्न ग्रामीण इलाकों से कुल छह नए और लंबित मामलों को अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किया गया. सीओ ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और भूमि दस्तावेजों के मिलान के बाद तीन मामलों का मौके पर ही सफलतापूर्वक ऑन-स्पॉट निष्पादन कर दिया, जिससे संबंधित पक्षों को तत्काल राहत मिली है. वहीं, शेष बचे तीन अन्य मामलों में आवश्यक जांच-पड़ताल, अंचल अभिलेखों की समीक्षा एवं साक्ष्यों के आधार पर अगली तिथि निर्धारित करते हुए अग्रिम सुनवाई के लिए सुरक्षित रखा गया है.
स्थानीय स्तर पर विवादों का निपटारा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता: सीओ
जनता दरबार की अध्यक्षता कर रहे कौआकोल के अंचल अधिकारी (सीओ) मनीष कुमार ने इस प्रशासनिक पहल पर विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने कहा कि बिहार सरकार की मंशा के अनुरूप आम लोगों की राजस्व और जमीन संबंधी समस्याओं का त्वरित निष्पादन करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है. ग्रामीण इलाकों में होने वाले भूमि विवादों को स्थानीय स्तर पर ही आपसी सहमति और कानूनी पारदर्शिता के साथ निपटाने के लिए नियमित रूप से इस जनता दरबार का आयोजन किया जा रहा है. इससे न केवल थानों और न्यायालयों पर मुकदमों का बोझ कम हो रहा है, बल्कि रैयतों के समय और धन की भी बचत हो रही है.
थानाध्यक्ष और राजस्व अधिकारियों की मौजूदगी में गंभीर फरियादों पर हुआ मंथन
इस विशेष जनता दरबार के दौरान मामलों को कानूनी और प्रशासनिक दोनों पहलों से सुलझाने के लिए कई वरीय अधिकारी मौजूद रहे. मौके पर मुख्य रूप से उपस्थित थानाध्यक्ष सह इंस्पेक्टर अनिल कुमार सिंह और राजस्व अधिकारी अनीश कुमार ने अंचल अधिकारी के साथ मिलकर प्रत्येक फरियादी की समस्या को बेहद गंभीरता से सुना और संबंधित विवादित भूखंडों के त्वरित निष्पादन के लिए अमीन व कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए.
शनिवार को आयोजित इस दरबार में कौआकोल प्रखंड के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में भू-स्वामी अपनी जमीन से जुड़ी शिकायतें लेकर पहुंचे थे. इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने में अंचल के राजस्व कर्मचारी मिथुन कुमार मिठू, नरेंद्र कुमार, प्रकाश कुमार, दीपक कुमार, आदित्य कुमार, नितेश कुमार मिश्रा एवं लिपिक नीतीश कुमार सहित अंचल कार्यालय के कई अन्य अमीन और तकनीकी कर्मियों ने अपनी सक्रिय भूमिका निभाई. अधिकारियों ने साफ तौर पर कहा कि जिन तीन लंबित मामलों में अगली तारीख दी गई है, वहां बहुत जल्द अंचल टीम भेजकर भौतिक सत्यापन (वेरिफिकेशन) कराया जाएगा ताकि उनका भी जल्द से जल्द स्थायी समाधान निकाला जा सके.
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