(नवादा से बब्लू कुमार की रिपोर्ट)
Nawada News : नवादा शहर में ट्रैफिक व्यवस्था को हाईटेक बनाने और अपराध नियंत्रण के लिए 45 सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना पर काम चल रहा है। प्रशासन का दावा है कि जून महीने से अधिकांश कैमरे चालू हो जाएंगे, लेकिन शहर के कई संवेदनशील चौक अब भी निगरानी व्यवस्था से बाहर हैं। इससे स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है और ट्रैफिक नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ रही हैं.
45 कैमरों की योजना, लेकिन कई अहम चौक अब भी अंधेरे में
जिला प्रशासन द्वारा सदर अनुमंडल क्षेत्र में कुल 45 सीसीटीवी कैमरे लगाने की प्रक्रिया जारी है। इन कैमरों के जरिए ट्रैफिक प्रबंधन को बेहतर बनाने और अपराधियों पर नजर रखने की योजना है। बावजूद इसके शहर के कई महत्वपूर्ण और संवेदनशील स्थानों पर अब तक कैमरे नहीं लगाए जा सके हैं.
इंदिरा चौक से 3 नंबर बस स्टैंड तक निगरानी का अभाव
स्थानीय लोगों के अनुसार इंदिरा चौक, पम्पूकल चौक, माहुरी धर्मशाला मिर्जापुर, 3 नंबर बस स्टैंड और अंसार नगर जैसे प्रमुख स्थान अब भी सीसीटीवी निगरानी से वंचित हैं। इनमें इंदिरा चौक, पम्पूकल चौक, माहुरी धर्मशाला मिर्जापुर और 3 नंबर बस स्टैंड को सबसे अधिक संवेदनशील माना जाता है.
सुबह-सुबह बेलगाम चलती हैं ट्रैक्टर और गाड़ी
लोगों का आरोप है कि सुबह चार बजे से सात बजे के बीच अवैध बालू लदे ओवरलोड ट्रैक्टर तेज रफ्तार से इन मार्गों से गुजरते हैं। कई बार इनकी गति इतनी अधिक होती है कि राहगीरों और वाहन चालकों को दुर्घटना का खतरा बना रहता है। इसके बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी है.
कैमरा लगे तो तुरंत होगी कार्रवाई
स्थानीय निवासी राजीव कुमार का कहना है कि यदि इन चौकों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं तो ओवरलोड वाहनों और ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों की पहचान कर तत्काल कार्रवाई की जा सकती है। इससे सड़क सुरक्षा भी मजबूत होगी.
लोगों ने जताई सुरक्षा को लेकर चिंता
मो. शाहिद आलम ने कहा कि सुबह के समय बालू लदे ट्रैक्टरों की रफ्तार इतनी तेज होती है कि सड़क पर निकलना भी मुश्किल हो जाता है। वहीं नीरज कुमार सिन्हा का कहना है कि इंदिरा चौक और 3 नंबर बस स्टैंड हमेशा जाम और अव्यवस्था से जूझते रहते हैं, जहां निगरानी व्यवस्था बेहद जरूरी है.
महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा का भी सवाल
स्थानीय गृहणी रूपा देवी ने कहा कि संवेदनशील चौकों पर सीसीटीवी कैमरे लगने से महिलाओं और स्कूली बच्चों की सुरक्षा बेहतर होगी। साथ ही असामाजिक गतिविधियों पर भी अंकुश लगाया जा सकेगा.
क्या बोले ट्रैफिक इंस्पेक्टर?.
इस संबंध में ट्रैफिक इंस्पेक्टर विद्या शंकर कुमार ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा चरणबद्ध तरीके से कैमरे लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बाकी बचे महत्वपूर्ण स्थानों पर भी जल्द सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए जाएंगे, जिससे ट्रैफिक व्यवस्था और कानून व्यवस्था दोनों को और मजबूत बनाया जा सकेगा.
लोगों को जून का इंतजार
अब शहरवासियों की नजर प्रशासन के उस वादे पर टिकी है, जिसके तहत जून महीने में अधिकांश कैमरे चालू किए जाने हैं। लोगों का मानना है कि संवेदनशील चौकों पर निगरानी व्यवस्था मजबूत होने से न केवल ट्रैफिक अनुशासन बढ़ेगा, बल्कि अपराध नियंत्रण में भी बड़ी मदद मिलेगी.
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