Nawada News (अनिल कुमार): नवादा जिले के अकबरपुर प्रखंड अंतर्गत विश्वकर्मा इंटर विद्यालय में शनिवार, 30 मई को ‘माहवारी स्वच्छता दिवस’ के अवसर पर एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. विद्यालय के प्रधानाध्यापक कामदेव कुमार के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किशोरियों को माहवारी के दौरान स्वच्छता, बेहतर स्वास्थ्य और उचित पोषण के प्रति जागरूक करना था. इस दौरान विद्यालय की शिक्षिकाओं और शिक्षकों ने छात्राओं के मन में बैठी झिझक और रूढ़िवादी भ्रांतियों को दूर करने का प्रयास किया.
प्राकृतिक प्रक्रिया है मासिक धर्म, सैनिटरी पैड का उपयोग और व्यक्तिगत स्वच्छता अनिवार्य
जागरूकता सत्र को संबोधित करते हुए विद्यालय के शिक्षकों ने छात्राओं को मासिक धर्म से जुड़ी सामाजिक भ्रांतियों को वैज्ञानिक ढंग से दूर किया. उन्होंने बताया कि माहवारी कोई बीमारी या शर्म का विषय नहीं है, बल्कि यह महिलाओं में होने वाली एक पूरी तरह से प्राकृतिक एवं सामान्य शारीरिक प्रक्रिया है. कार्यक्रम में छात्राओं को सुरक्षित और स्वच्छ सैनिटरी पैड के नियमित उपयोग करने, समय-समय पर (हर 4 से 6 घंटे में) पैड बदलने, व्यक्तिगत शारीरिक स्वच्छता बनाए रखने तथा इसकी अनदेखी से होने वाले विभिन्न प्रकार के संक्रमणों (Infections) से बचाव के उपायों की विस्तृत एवं तकनीकी जानकारी दी गई.
बिना किसी संकोच के माता-पिता से साझा करें अपनी स्वास्थ्य समस्याएं: शिक्षिका अनामिका
विद्यालय की शिक्षिका अनामिका कुमारी ने छात्राओं का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि किशोरियों के बेहतर शारीरिक-मानसिक स्वास्थ्य एवं आत्मविश्वास को मजबूत करने के लिए माहवारी स्वच्छता के प्रति समाज और विद्यालयों में जागरूकता फैलाना अत्यंत आवश्यक है. सही समय पर सही जानकारी और स्वच्छता के नियमों को अपनाकर कई गंभीर गर्भाशय व स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से आसानी से बचा जा सकता है. उन्होंने छात्राओं को विशेष सलाह दी कि वे इस विषय पर बिना किसी संकोच या डर के अपनी स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों को अपने माता-पिता और अभिभावकों से खुलकर साझा करें.
छात्राओं ने पूछे सवाल, संतुलित आहार और पोषण के महत्व पर दी गई जानकारी
कार्यक्रम के दूसरे सत्र में छात्राओं के लिए एक प्रश्न-उत्तर सत्र भी रखा गया, जिसमें किशोरियों ने बिना किसी हिचकिचाहट के स्वास्थ्य से जुड़े अपने सवाल पूछे, जिनका शिक्षिकाओं द्वारा संतोषजनक समाधान किया गया. इसके साथ ही मासिक धर्म के दिनों में शरीर में होने वाली रक्त की कमी को पूरा करने के लिए संतुलित आहार, हरी पत्तेदार सब्जियां, नियमित स्वच्छता और समय पर स्वास्थ्य जांच के महत्व के बारे में भी विस्तार से बताया गया.
शिक्षा विभाग के दिशा-निर्देश पर आयोजित इस विशेष जागरूकता कार्यक्रम की छात्राओं, महिला शिक्षिकाओं और विद्यालय प्रबंधन ने भूरि-भूरि सराहना की तथा इसे किशोरियों के स्वास्थ्य सशक्तिकरण की दिशा में एक बेहद महत्वपूर्ण पहल बताया. इस खास मौके पर शिक्षक राहुल कुमार, कुमारी पुष्पलता, नीरज कुमार सहित छात्रा रितिका कुमारी, रिया भारती, नंदनी कुमारी, साक्षी कुमारी सहित विद्यालय की सभी छात्राएं मुख्य रूप से मौजूद थीं.
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