Nawada News : नवादा शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए नगर परिषद हर महीने करोड़ों रुपये खर्च करने का दावा करती है. 44 वार्डों की सफाई की जिम्मेदारी निजी एजेंसी को सौंपी गई है, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोल रही है. शहर के प्रमुख पम्पू कल चौक पर पिछले छह दिनों से कचरे का ढेर जमा है. लगातार बारिश के कारण कचरा सड़क पर फैल गया है, जिससे दुर्गंध के साथ-साथ जाम की समस्या भी गंभीर हो गई है. स्थानीय लोगों का कहना है कि चौक की सड़क कचरे से संकरी हो गई है और राहगीरों का चलना मुश्किल हो गया है.
दस कदम दूर निजी काम में लगी सरकारी जेसीबी
हैरानी की बात यह है कि पम्पू कल चौक से महज दस कदम दूर सोनारपट्टी फल गली में नगर परिषद की जेसीबी और ट्रैक्टर निजी मकान का मलबा हटाने में लगे हैं, जबकि मुख्य चौक पर पड़े कचरे को हटाने की किसी को फुर्सत नहीं है. इससे लोगों में नाराजगी है और सवाल उठ रहे हैं कि सरकारी मशीनों का उपयोग निजी कार्यों में कैसे किया जा रहा है, जबकि सार्वजनिक सफाई व्यवस्था बदहाल है. स्थानीय लोगों का कहना है कि वार्ड संख्या-24 के पार्षद से कई बार शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई.
सफाई एजेंसी ने निर्माण कार्य को बताया वजह
सफाई एजेंसी के मैनेजर कौशक कुमार ने बताया कि डंपिंग स्थल तक जाने वाले रास्ते पर निर्माण कार्य चलने के कारण कचरा उठाने में परेशानी हो रही है. उन्होंने आश्वासन दिया कि सफाईकर्मियों को भेजकर जल्द ही चौक की सफाई करा दी जाएगी. हालांकि स्थानीय लोगों का सवाल है कि जब शहर के अन्य इलाकों से नियमित कचरा उठाया जा रहा है, तो पम्पू कल चौक ही क्यों उपेक्षित है.
स्थानीय लोगों में नाराजगी
स्थानीय निवासी शोभित कुमार ने कहा कि छह दिनों से बदबू और गंदगी झेल रहे हैं, लेकिन शिकायत के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है. वहीं संतोष साव ने कहा कि करोड़ों रुपये खर्च होने की बातें तो सुनाई देती हैं, लेकिन मोहल्लों में सफाई सिर्फ कागजों पर दिखाई देती है. लोगों ने नगर परिषद से तत्काल कचरा हटाने और सफाई व्यवस्था में सुधार की मांग की है.
