एनएच-20 फोरलेन पर कई जगह अंधेरा, नहीं जल रही लाइटें, हादसे का खतरा

NAWADA NEWS. नवादा जिले से होकर गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-20 (एनएच-20) फोरलेन को बने वर्षों बीत चुके हैं, लेकिन इस आधुनिक सड़क पर सुरक्षा से जुड़ी बुनियादी सुविधाओं को लेकर सवाल लगातार उठ रहे हैं.

प्रशासनिक दावे और जमीनी हकीकत में अंतर, राहगीरों ने की शिकायत

कहीं-कहीं अस्थायी तकनीकी कारणों से लाइट बंद होने की स्थिति बनती है: त्रिपाठी

नवादा नगर

.नवादा जिले से होकर गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-20 (एनएच-20) फोरलेन को बने वर्षों बीत चुके हैं, लेकिन इस आधुनिक सड़क पर सुरक्षा से जुड़ी बुनियादी सुविधाओं को लेकर सवाल लगातार उठ रहे हैं. खासकर स्ट्रीट लाइटों को लेकर स्थानीय लोगों और वाहन चालकों में भारी नाराजगी देखी जा रही है. वाहन पर सवार पटना की ओर जा रहे राहगीर अमितेश कुमार, किंशु सिंह का कहना है कि हाइवे पर कई स्थानों पर लाइटें या तो जलती नहीं हैं या फिर पूरी तरह बंद पड़ी हैं, जिससे रात के समय सफर करना जोखिम भरा हो गया है.

अंधेरे में सफर, दुर्घटना का खतरा

स्थानीय धर्मेंद्र कुमार और नियमित यात्रियों के अनुसार, एनएच-20 फोरलेन पर अंधेरा होने के कारण तेज रफ्तार वाहनों की सही स्थिति का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है. अचानक सामने आ जाने वाले वाहन, खड़े ट्रक, मवेशी और पैदल यात्री कई बार दुर्घटना का कारण बन जाते हैं. खासतौर पर कोहरे के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है. फोरलेन जैसी महत्वपूर्ण सड़क पर रोशनी की व्यवस्था नहीं होना यात्रियों की सुरक्षा पर सीधा खतरा माना जा रहा है.

स्थानीय लोगों की शिकायतें

लोगों का कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों से शिकायत की गयी, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं निकल सका. करोड़ों रुपये की लागत से बने इस हाइवे का उद्देश्य सुरक्षित और सुगम यातायात था, लेकिन स्ट्रीट लाइटों के बंद रहने से यह उद्देश्य अधूरा नजर आ रहा है. स्थानीय व्यवसायियों का भी कहना है कि अंधेरे के कारण रात में आवागमन कम हो जाता है, जिससे आर्थिक गतिविधियां प्रभावित होती हैं.

लाइट इंचार्ज का बयान

इस मामले में एनएच-20 के लाइट इंचार्ज राजेंद्र कुमार त्रिपाठी ने सभी आरोपों को खारिज किया है. उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि एनएच-20 फोरलेन पर सभी जगहों की स्ट्रीट लाइटें दुरुस्त हैं और नियमित रूप से जल रही हैं. अपने दावे के समर्थन में उन्होंने कई स्थानों की तस्वीरें भी उपलब्ध करायीं, जिनमें लाइटें चालू अवस्था में दिखाई दे रही हैं. उनका कहना है कि कहीं-कहीं अस्थायी तकनीकी कारणों से लाइट बंद होने की स्थिति बनती है, लेकिन उसे तुरंत ठीक करा लिया जाता है.

हकीकत जानने की मांग

हालांकि प्रशासनिक दावे और स्थानीय लोगों की शिकायतों के बीच विरोधाभास साफ नजर आ रहा है. ऐसे में लोगों की मांग है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और वास्तविक स्थिति को सार्वजनिक किया जाए. साथ ही जहां भी लाइटें खराब हैं, वहां तत्काल मरम्मत कराकर उन्हें चालू कराया जाए, ताकि एनएच-20 फोरलेन पर यात्रा सुरक्षित हो सके और दुर्घटनाओं पर प्रभावी रोक लगायी जा सके.

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By Vikash Kumar

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